United Forum of Bank Unions (UFBU) ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान कर दिया है। 11 सितंबर, 2026 से शुरू होने वाली यह हड़ताल 5-डे वर्किंग वीक और PLI स्कीम में बदलाव के विरोध में है, जिसका असर देश के **90%** बैंकिंग स्टाफ पर पड़ेगा।
हड़ताल का पूरा शेड्यूल
यूनियन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, विरोध प्रदर्शन की शुरुआत 11 सितंबर, 2026 को एक दिन की टोकन स्ट्राइक से होगी। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक तीन दिनों की लंबी हड़ताल बुलाई गई है। अगर सरकार के साथ बातचीत नहीं बनी, तो यूनियन ने 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की भी चेतावनी दी है।
क्यों नाराज हैं बैंक कर्मचारी?
विवाद की मुख्य वजह 12th Bipartite Settlement है, जो मार्च 2024 में हुआ था। इसके तहत कर्मचारियों ने रोजाना 40 मिनट ज्यादा काम करने पर सहमति जताई थी, ताकि उन्हें सभी शनिवार की छुट्टी मिल सके। हालांकि, फाइनेंस मिनिस्ट्री से मंजूरी न मिलने के कारण यह अब तक लागू नहीं हो पाया है।
इसके अलावा, नवंबर 2024 की एक गाइडलाइन ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है, जिसमें सीनियर ऑफिसर्स (Scale IV to VII) के लिए इंसेटिव स्ट्रक्चर अलग कर दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि यह एक भेदभावपूर्ण पॉलिसी है जिससे लोअर लेवल के स्टाफ के साथ अन्याय हो रहा है।
बैंकिंग सर्विसेज पर असर
निवेशकों और ग्राहकों के लिए यह अलर्ट की स्थिति है। हड़ताल के दिनों में चेक क्लीयरेंस, सरकारी ट्रांजैक्शन और ब्रांच लेवल की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। पब्लिक सेक्टर बैंकों में यूनियन की भागीदारी अधिक होने के कारण वहां कामकाज ठप होने की संभावना सबसे ज्यादा है। हालांकि मार्केट इसे एक शॉर्ट-टर्म बाधा मान रहा है, लेकिन अगर समाधान नहीं निकला, तो बैंकिंग इंडेक्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
