Bank Strike: सोमवार से 3 दिन बंद रहेंगी सरकारी बैंक की शाखाएं, ग्राहकों पर होगा सीधा असर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Bank Strike: सोमवार से 3 दिन बंद रहेंगी सरकारी बैंक की शाखाएं, ग्राहकों पर होगा सीधा असर

सोमवार से पब्लिक सेक्टर, पुरानी प्राइवेट और रीजनल रूरल बैंकों में तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो रही है। चेक क्लियरेंस और कैश डिपॉजिट जैसी फिजिकल सेवाएं ठप रहेंगी, लेकिन नए जमाने के प्राइवेट बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे।

देश भर में बैंकिंग सेवाएं बाधित होने वाली हैं क्योंकि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने सोमवार से तीन दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल में पब्लिक सेक्टर बैंक, पुरानी पीढ़ी के प्राइवेट बैंक और रीजनल रूरल बैंक शामिल हैं। इस दौरान बैंक शाखाओं में नकद जमा, चेक प्रोसेसिंग और अन्य जरूरी काम नहीं हो पाएंगे।

आपके काम की बात

हालांकि, HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank जैसे नए जमाने के प्राइवेट बैंक इस हड़ताल का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए वहां कामकाज सामान्य रहेगा। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे लेनदेन के लिए मोबाइल ऐप, UPI और इंटरनेट बैंकिंग जैसे डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करें।

क्यों हो रही है हड़ताल?

यूनियन की मुख्य मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कर्मचारी मुख्य रूप से 5-दिन का कार्य सप्ताह (5-Day Work Week) लागू करने की मांग कर रहे हैं, जो पहले से ही RBI और LIC में लागू है। इसके अलावा, पेंशन सुधार, महंगाई भत्ते (DA) के फॉर्मूले में बदलाव और नेशनल पेंशन सिस्टम की जगह ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली भी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है।

सरकार का रुख और आगे का खतरा

वित्त मंत्रालय ने यूनियंस से हड़ताल वापस लेने का आग्रह किया है और कहा है कि उनकी कई चिंताएं विचाराधीन हैं। लेकिन, अब तक बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर 26 अक्टूबर से पहले मांगें नहीं मानी गईं, तो यूनियंस ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी है। निवेशकों के लिए यह स्थिति बैंकिंग सेक्टर में अस्थिरता पैदा कर सकती है, खासकर उन बैंकों के लिए जो अपनी फिजिकल शाखाओं पर बहुत अधिक निर्भर हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.