ग्लोबल मार्केट से राहत भरी खबरों के बीच Bank Nifty में आज रौनक देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते इंडेक्स 58,000 के अहम लेवल को छूने की कोशिश कर रहा है, हालांकि अभी भी यह एक सीमित दायरे (consolidation range) में बना हुआ है।
तेल की कीमतों में नरमी का असर
भारतीय फाइनेंशियल मार्केट के लिए आज का दिन काफी सकारात्मक रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम गिरकर करीब $86.2 प्रति बैरल पर आ गए हैं। इसका मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में शिपिंग कॉरिडोर को लेकर ईरान और ओमान के बीच हुई कूटनीतिक प्रगति है। कच्चे तेल के सस्ता होने से भारतीय अर्थव्यवस्था को महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत मिल सकती है।
बैंकिंग शेयरों की भूमिका
मार्केट की इस तेजी में प्राइवेट बैंकों का बड़ा हाथ रहा है। ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank और Axis Bank के शेयरों में आई मजबूती ने इंडेक्स को संभाले रखा। इन बैंकों के शानदार लोन ग्रोथ और स्थिर मार्जिन के चलते निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।
टेक्निकल चार्ट क्या कहता है?
इंडेक्स पिछले कुछ हफ्तों से 57,000 और 58,000 के दायरे में झूल रहा है। जानकारों के मुताबिक, 58,000 से 58,200 का जोन एक मजबूत टेक्निकल रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर बैंक निफ्टी इसके ऊपर टिका रहता है, तो इसमें नई तेजी की उम्मीद है, लेकिन अगर यह लेवल नहीं टूटा, तो प्रॉफिट-बुकिंग या इंडेक्स के साइडवेज रहने की संभावना बनी रहेगी।
हालांकि, मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता पर नजर रखना जरूरी है। अगर कोई भी अनिश्चितता बनी, तो एनर्जी प्राइसेस में अचानक उछाल आ सकता है, जिसका सीधा असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ेगा।
