Bank Nifty की चाल सुस्त पड़ गई है और इंडेक्स लगातार पांचवें सत्र में लाल निशान में बंद हुआ है। 26 अक्टूबर को इंडेक्स **54,000** के अहम स्तर के करीब कारोबार करता दिखा। AU Small Finance Bank और IDFC First Bank के कमजोर नतीजों ने बाजार के सेंटिमेंट को बिगाड़ दिया है।
Bank Nifty में बिकवाली का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इंडेक्स ने लगातार पांचवें दिन गिरावट दर्ज की है। मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजरें 54,000 के साइकोलॉजिकल सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं, जो इस समय निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्तर बना हुआ है। बैंकिंग सेक्टर में यह कमजोरी मुख्य रूप से हालिया फाइनेंशियल नतीजों के प्रति निवेशकों की निराशाजनक प्रतिक्रिया का परिणाम है।
शेयरों में हलचल
नतीजों के बाद शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। AU Small Finance Bank का शेयर 7.5% लुढ़क गया, जबकि IDFC First Bank के शेयरों में 1.2% की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को मार्जिन दबाव, एसेट क्वालिटी और अर्निंग्स ग्रोथ की सस्टेनेबिलिटी को लेकर चिंताएं सता रही हैं। जब बैंकों के नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते, तो सेक्टर के वैल्यूएशन को लेकर दोबारा मूल्यांकन किया जाता है, जिससे बिकवाली बढ़ जाती है।
PSU बैंकों का भी बुरा हाल
यह गिरावट सिर्फ प्राइवेट बैंकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि Nifty PSU Bank इंडेक्स में भी 1% के करीब गिरावट देखने को मिली। यह ब्रॉड-बेस्ड सेलिंग इस बात का संकेत है कि निवेशक बैंकिंग स्टॉक्स को लेकर अब ज्यादा सतर्क रुख अपना रहे हैं और क्रेडिट कॉस्ट तथा डिपॉजिट ग्रोथ पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।
अब बाजार की निगाहें इस बात पर हैं कि क्या बैंक स्टॉक्स 54,000 के इस सपोर्ट को बचा पाते हैं, या गिरावट का सिलसिला और आगे बढ़ेगा। आगे चलकर मैनेजमेंट की कमेंट्री और लोन बुक की क्वालिटी पर निवेशकों का फोकस बना रहेगा।
