ग्लोबल मार्केट से मिल रहे खराब संकेतों के बीच Bank Nifty इंडेक्स 57,000 के अहम लेवल के नीचे फिसल गया है। ICICI Bank और Axis Bank में बिकवाली का दबाव है, हालांकि इन सबके बीच Axis Bank ने अपने **$600 मिलियन** के कर्ज को समय पर चुकाकर अपनी फाइनेंशियल मजबूती का सबूत दिया है।
मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। Bank Nifty इंडेक्स 57,000 के स्तर को बचाने में नाकाम रहा और दोपहर तक यह 56,814.50 के पास ट्रेड करता दिखा। बाजार में यह कमजोरी केवल बैंकिंग सेक्टर तक सीमित नहीं रही, बल्कि Sensex भी 380 पॉइंट्स से अधिक गिरकर कारोबार करता दिखा।
गिरावट की असली वजह
मार्केट में इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह ग्लोबल टेंशन और एनर्जी कॉस्ट है। Brent क्रूड ऑयल के दाम $97.52 प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का डर एक बार फिर निवेशकों के मन में बैठ गया है। इसके अलावा, वेस्ट एशिया में अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों को बैंकिंग जैसे सेंसिटिव सेक्टर से दूर रहने पर मजबूर कर दिया है। इसी वजह से ICICI Bank और Axis Bank के शेयरों में 1.6% से 1.8% तक की गिरावट देखी गई।
Axis Bank की राहत भरी खबर
बाजार की इस अफरा-तफरी के बीच Axis Bank ने एक बड़ा कॉर्पोरेट अपडेट दिया है। बैंक ने सफलतापूर्वक अपने $600 मिलियन के एडिशनल टियर-1 (AT1) नोट्स का रिडेम्पशन (Redemption) पूरा कर लिया है, जिस पर 4.10% का इंटरेस्ट रेट था। यह समय पर कर्ज अदायगी साबित करती है कि कठिन आर्थिक हालातों में भी बैंक का बैलेंस शीट पूरी तरह सुरक्षित है।
अब आगे क्या?
टेक्निकल एनालिस्ट्स के मुताबिक, 57,000 के लेवल का टूटना मोमेंटम में बदलाव का संकेत है। अब ट्रेडर्स की नजर इस बात पर है कि इंडेक्स निचले सपोर्ट लेवल पर खुद को कितना स्टेबल कर पाता है। निवेशकों के लिए क्रूड ऑयल के भाव और बैंकिंग स्टॉक्स में खरीदारी की वापसी सबसे बड़े ट्रिगर्स होंगे।
