Q2 नतीजों के बीच Bank Nifty में आज **0.5%** की गिरावट रही, इंडेक्स **55,571** पर बंद हुआ। HDFC Bank और Axis Bank के खराब प्रदर्शन ने दबाव बनाया, जबकि PNB की अगुवाई में PSU बैंकों ने बाजार को सहारा दिया।
भारतीय बैंकिंग सेक्टर में आज स्पष्ट बंटवारा देखने को मिला। जहां एक तरफ प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज बैंक नतीजों से निराश कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर PSU बैंकों में जोरदार खरीदारी देखी गई। 19 अक्टूबर, 2026 को Bank Nifty 0.5% टूटकर 55,571.3 के स्तर पर बंद हुआ।
प्राइवेट बैंकों में क्यों मचा हड़कंप?
इंडेक्स पर सबसे ज्यादा दबाव HDFC Bank और Axis Bank की वजह से रहा। HDFC Bank के शेयर 2% और Axis Bank के शेयर 4.1% तक गिर गए। इन बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव दिखा है। HDFC Bank ने बैड लोन के लिए प्रोविजनिंग बढ़ाई है, जो एसेट क्वालिटी पर बढ़ते जोखिम का संकेत है। वहीं, Axis Bank को बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों ने घेर लिया है।
प्राइवेट बैंकों की मुख्य समस्या फंड्स की बढ़ती लागत (Cost of Funds) है। FCNR डिपॉजिट पर ज्यादा ब्याज देने के चलते मुनाफा मार्जिन सिकुड़ रहा है, जिसे ग्राहकों पर पूरी तरह शिफ्ट करना मुश्किल हो रहा है।
PSU बैंकों में 'डिफेंसिव' खरीदारी
इसके उलट, Nifty PSU Bank इंडेक्स 2.5% की तेजी के साथ मजबूती की मिसाल पेश कर रहा है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने निवेशकों का दिल जीत लिया और इसमें 6% का उछाल दर्ज किया गया। ऐसा लगता है कि निवेशक अब उन बैंकों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं जिनका अर्निंग प्रोफाइल फिलहाल ज्यादा सुरक्षित दिख रहा है।
अगले कुछ हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्राइवेट बैंक अपने कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो को कंट्रोल कर पाते हैं। निवेशकों को अब मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर रखनी चाहिए, खासकर डिपॉजिट ग्रोथ और लोन बुक की क्वालिटी पर, क्योंकि यही आने वाले क्वार्टर्स में शेयरों की दिशा तय करेंगे।
