Bank Nifty में आज **400 अंकों** की बड़ी गिरावट देखने को मिली और यह **57,625** के स्तर पर बंद हुआ। यह बिकवाली MSCI रीबैलेंसिंग के कारण पिछले सत्र में आई कृत्रिम तेजी के बाद हुई 'करेक्शन' का नतीजा है।
बाजार का हाल और MSCI का खेल
1 सितंबर 2026 को Bank Nifty 0.7% गिरकर 57,625 पर बंद हुआ। यह गिरावट पिछले सत्र यानी 31 अगस्त की उस तेजी का असर थी, जो MSCI अगस्त 2026 इंडेक्स रिव्यू के चलते Closing Auction Session (CAS) में देखी गई थी। उस दौरान इंडेक्स में अचानक 600 अंक का उछाल आया था, जो अब सुधरता दिख रहा है।
लिक्विडिटी का असर
NSE के CAS में उस दिन ₹39,718 करोड़ का रिकॉर्ड टर्नओवर दर्ज किया गया था, जो कुल कैश-मार्केट टर्नओवर का करीब 22% था। यह अचानक आई लिक्विडिटी के कारण बाजार में तकनीकी उतार-चढ़ाव था, न कि कंपनियों के फंडामेंटल्स में कोई बड़ा बदलाव।
आज के सत्र में Yes Bank के शेयरों में 2.9% और Axis Bank के शेयरों में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। बाजार अब उन तकनीकी आंकड़ों से हटकर अपनी असल वैल्यू पर वापस लौट रहा है।
आगे क्या होगा?
इंडेक्स अभी भी 57,300 के अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट सिर्फ लिक्विडिटी के कारण आई अस्थिरता को ठीक करने का एक तरीका है। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि तकनीकी रीबैलेंसिंग और बिजनेस परफॉरमेंस में अंतर होता है। फिलहाल बाजार की नजर इस सपोर्ट लेवल पर है कि क्या यह टिक पाता है या नहीं।
