RBI की स्कीमों का कमाल! विदेशी फंड में $40.81 बिलियन आए, Bank Nifty 1.7% चढ़ा

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
RBI की स्कीमों का कमाल! विदेशी फंड में $40.81 बिलियन आए, Bank Nifty 1.7% चढ़ा

RBI की खास स्कीम्स की बदौलत भारतीय बैंकिंग सिस्टम में विदेशी फंड का भारी इनफ्लो (inflow) देखा गया है। 3 अगस्त को Bank Nifty इंडेक्स **1.7%** चढ़कर **58,247** पर बंद हुआ, जिसका मुख्य कारण **$40.81 बिलियन** का आया हुआ पैसा रहा।",

RBI की स्कीमों से बैंकिंग सिस्टम में बहार

3 अगस्त को Bank Nifty इंडेक्स में जोरदार तेजी देखी गई, जो 1.7% बढ़कर 58,247 पर बंद हुआ। इस उछाल की वजह बनीं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की वो खास स्कीम्स, जिनके जरिए विदेशी पैसा भारतीय बैंकों में आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन स्कीम्स के दम पर बैंकिंग सिस्टम में कुल $40.81 बिलियन का इनफ्लो हुआ है।

RBI ने साल की शुरुआत में ही कुछ फॉरेन एक्सचेंज स्कीम्स (Foreign Exchange Schemes) लॉन्च की थीं, जिनका मकसद बैंकों को विदेशी फंड जुटाने में मदद करना और रुपये को स्टेबल रखना था। इन स्कीम्स में फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (FCNR) डिपॉजिट्स, एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स (ECBs) और कुछ खास स्वैप अरेंजमेंट्स (Swap Arrangements) शामिल हैं।

RBI की लिक्विडिटी मेजर्स का असर

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस फंड इनफ्लो का एक बड़ा हिस्सा, करीब $36.7 बिलियन, FCNR डिपॉजिट्स के जरिए आया है। RBI ने जीरो-कॉस्ट हेजिंग फैसिलिटी (zero-cost hedging facilities) और स्वैप विंडो (swap windows) प्रदान करके बैंकों के लिए विदेशी करेंसी लाना आसान बना दिया है। FCNR डिपॉजिट्स के लिए ये विंडो सितंबर के अंत तक खुली रहेंगी, जबकि ECBs और ओवरसीज बॉरोइंग्स के लिए स्वैप फैसिलिटीज साल के अंत तक उपलब्ध हैं। फॉरेन कैपिटल के इस इनफ्लो से डोमेस्टिक लेंडिंग के लिए फंड्स की उपलब्धता बढ़ती है और भारतीय रुपये को स्थिरता मिलती है।

बैंकिंग सेक्टर का प्रदर्शन

मार्केट में बैंकिंग शेयरों में ब्रॉड-बेस्ड रैली देखी गई। Federal Bank का शेयर सबसे आगे रहा, जिसमें 4% की तेजी आई। Axis Bank भी पीछे नहीं रहा और 3.5% चढ़ गया। इसके अलावा ICICI Bank, Bank of Baroda और Kotak Mahindra Bank जैसे बड़े बैंकों के शेयरों में 1.8% से लेकर 2.6% तक की बढ़त दर्ज की गई। यह तेजी इकोनॉमिक अपडेट्स से पहले बैंकिंग स्टॉक्स को लेकर निवेशकों के ऑप्टिमिज्म को दिखाती है।

मार्केट का फोकस और आगे की राह

फिलहाल, बैंकिंग सेक्टर RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिन की मीटिंग पर नजरें टिकाए हुए है, जो आज, 3 अगस्त से शुरू होकर 5 अगस्त को खत्म होगी। मार्केट का मुख्य फोकस इस बात पर है कि क्या सेंट्रल बैंक रेपो रेट (repo rate) को स्थिर रखेगा, ताकि क्रेडिट ग्रोथ को सपोर्ट मिल सके। अनुमान है कि अगर मौजूदा तेजी बनी रही तो कुल इनफ्लो $80 बिलियन से $85 बिलियन तक पहुंच सकता है। निवेशक 5 अगस्त को सेंट्रल बैंक की कमेंट्री का इंतजार करेंगे, जिससे आगे की लिक्विडिटी और इंटरेस्ट रेट ट्रेंड्स के बारे में संकेत मिल सकेंगे, जो बैंक के प्रॉफिटेबिलिटी और लोन डिमांड के लिए अहम होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.