वैश्विक बाजारों में आई भारी बिकवाली के चलते, Bank Nifty में आज 1% की गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया के KOSPI इंडेक्स में 9% की तूफानी गिरावट के बाद भारतीय बाजार में भी सेंटीमेंट बिगड़ा, जिससे बैंकिंग शेयरों में कमजोरी दिखी।
जून की तेजी पर लगा ब्रेक
मंगलवार, 23 जून 2026 को Bank Nifty में मुनाफावसूली हावी रही, जिससे यह इंट्राडे ट्रेड में करीब 1% नीचे आ गया। यह गिरावट जून महीने में दर्ज की गई 8% की मजबूत बढ़त के बाद आई है। घरेलू इक्विटी बाजार में बिकवाली का दबाव चौतरफा देखा गया, क्योंकि इंडेक्स अपनी गति बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
वैश्विक संकेतों का असर
बाजार की गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक शेयर बाजारों में आई तेज बिकवाली थी। खासकर, दक्षिण कोरिया के KOSPI इंडेक्स में 9% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसने सर्किट ब्रेकर को ट्रिगर किया और ट्रेडिंग को अस्थायी रूप से रोक दिया। इस अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता का असर भारत पर भी पड़ा, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांकों में व्यापक बिकवाली हुई। सेंसेक्स 675 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी लगभग 1% नीचे आया।
कौन रहा सबसे ज्यादा कमजोर?
बैंकिंग इंडेक्स में बिकवाली का सबसे ज्यादा असर देखा गया, जहां 14 में से 13 स्टॉक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। Canara Bank सबसे ज्यादा 3% से ज्यादा गिरकर सबसे बड़ी गिरावट वाला शेयर रहा। Bank of Baroda, IDFC First Bank, HDFC Bank, Yes Bank, State Bank of India, और ICICI Bank जैसे अन्य प्रमुख बैंकों के शेयर भी 1% तक गिर गए।
इस बिकवाली के उलट, Axis Bank ने 0.85% की बढ़त दर्ज की और मौजूदा ट्रेंड से अलग प्रदर्शन किया।
आगे क्या?
बाजार विश्लेषक आगे की चाल का अनुमान लगाने के लिए तकनीकी स्तरों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। तकनीकी शोध के अनुसार, इंडेक्स को 57,400 से 57,500 के स्तर पर तत्काल सपोर्ट मिल सकता है। वहीं, 58,500 के स्तर को फिर से छूना और उसके बाद 59,100 के आसपास संभावित रेजिस्टेंस को पार करना महत्वपूर्ण होगा।
निवेशकों को आने वाले सत्रों में वैश्विक बाजार की खबरों और अस्थिरता पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ये कारक बैंकिंग सेक्टर में घरेलू सेंटीमेंट और ट्रेडिंग वॉल्यूम को प्रभावित करना जारी रखेंगे।
