Bank Nifty: बाजार में लौटी रौनक! 55,000 के पार निकला इंडेक्स, प्राइवेट बैंकों ने संभाली कमान

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AuthorMehul Desai|Published at:
Bank Nifty: बाजार में लौटी रौनक! 55,000 के पार निकला इंडेक्स, प्राइवेट बैंकों ने संभाली कमान

9 अक्टूबर 2026 को Bank Nifty ने **55,000** के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया है। प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में हुई खरीदारी से बाजार को सहारा मिला है, लेकिन निवेशकों की नजर अब 17 अक्टूबर को आने वाले Q2FY27 नतीजों पर टिकी है।

Bank Nifty ने आज कारोबार के दौरान 55,000 के अहम स्तर को फिर से हासिल कर लिया है। यह रिकवरी मुख्य रूप से Kotak Mahindra Bank और Federal Bank जैसे प्राइवेट लेंडर्स में आई खरीदारी के दम पर दिखी है। बाजार की उठा-पटक के बीच यह तेजी बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है।

टेक्निकल लेवल्स और सेंटीमेंट

बाजार के जानकारों का मानना है कि 55,000 से 55,200 के बीच इंडेक्स के लिए एक बड़ा रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स इस लेवल पर टिका नहीं, तो बिकवाली का दबाव फिर से लौट सकता है। नीचे की तरफ 54,000 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट के तौर पर खड़ा है। फिलहाल, कई ट्रेडर्स 'सेल ऑन राइज' (तेजी में बिकवाली) की रणनीति अपना रहे हैं, जब तक कि इंडेक्स में कोई बड़ी ब्रेकआउट पुष्टि न हो जाए।

नतीजों का सीजन और मार्जिन का दबाव

बाजार की निगाहें अब Q2FY27 के नतीजों पर हैं। HDFC Bank और ICICI Bank जैसे बड़े खिलाड़ी 17 अक्टूबर को अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश करेंगे। सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ 18% से 19% के बीच बनी हुई है, जो आर्थिक गतिविधियों के लिए एक अच्छा संकेत है।

हालांकि, बैंकों के मुनाफे पर दबाव की आशंका बनी हुई है। डिपॉजिट जुटाने की बढ़ती लागत के कारण Net Interest Margins (NIMs) में 8 से 20 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट देखने को मिल सकती है। निवेशकों को नतीजों के दौरान सिर्फ मुनाफे के आंकड़ों पर ही नहीं, बल्कि लोन बुक ग्रोथ और डिपॉजिट कॉस्ट मैनेजमेंट पर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर भी ध्यान देना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.