30 सितंबर को Bank Nifty **373** अंक चढ़कर **54,633** के स्तर पर बंद हुआ। जहां बाजार के अन्य इंडेक्स गिरावट में रहे, वहीं बैंकिंग सेक्टर ने शानदार मजबूती दिखाई। ICICI Bank में **3%** की तेजी रही, जबकि HDFC Bank में बिकवाली का दबाव दिखा। अब सभी की नजरें RBI की आगामी मॉनेटरी पॉलिसी पर टिकी हैं।
भारतीय बैंकिंग सेक्टर ने 30 सितंबर को जबरदस्त लचीलापन दिखाया है। जहां Nifty 50 और BSE Sensex में लगातार तीसरे दिन बिकवाली का दबाव देखा गया, वहीं बैंक निफ्टी ने 0.69% की बढ़त दर्ज करते हुए 54,633.05 पर क्लोजिंग दी। पिछले पांच सत्रों में यह पहली बार है जब इंडेक्स अपने पिछले दिन के हाई के ऊपर बंद होने में सफल रहा है।
शेयरों में डायवर्जेंस (Divergence)
बाजार में एक दिलचस्प उलटफेर देखने को मिला। इंडेक्स को सहारा देने का काम ICICI Bank ने किया, जिसमें 3% से ज्यादा की रैली देखी गई। इसके अलावा Kotak Mahindra Bank, Union Bank of India और Axis Bank के शेयरों ने भी सपोर्ट दिया, जिससे इंडेक्स 55,135.50 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। इसके ठीक उलट HDFC Bank में 2% तक की गिरावट दिखी, जो Nifty 50 के लिए एक बड़ी बाधा बनी रही।
टेक्निकल चार्ट और RBI पॉलिसी
टेक्निकल तौर पर, बुलिश कैंडल का बनना यह संकेत दे रहा है कि इंडेक्स ओवरसोल्ड जोन से बाहर निकल रहा है। जानकारों के अनुसार, 54,000 से 54,200 का स्तर तत्काल सपोर्ट के तौर पर काम करेगा, जबकि 55,000 के स्तर पर रेजिस्टेंस दिख रहा है।
अब निवेशकों की निगाहें पूरी तरह से Reserve Bank of India की मॉनेटरी पॉलिसी पर हैं। सेंट्रल बैंक का ब्याज दरों पर रुख बैंकिंग सेक्टर की मार्जिन और लोन ग्रोथ के लिए अगला बड़ा ट्रिगर साबित हो सकता है।
