Bandhan Bank Share Price: 68% उछला Profit, पर वैल्यूएशन और पुराने ऑडिट की चिंताएं बरकरार!

BANKINGFINANCE
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AuthorMehul Desai|Published at:
Bandhan Bank Share Price: 68% उछला Profit, पर वैल्यूएशन और पुराने ऑडिट की चिंताएं बरकरार!
Overview

Bandhan Bank के निवेशकों के लिए Q4 FY26 के नतीजे उत्साहजनक रहे। बैंक का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले **68%** बढ़कर **₹534 करोड़** पर पहुंच गया। एसेट क्वालिटी में भी सुधार दिखा, नेट एनपीए (Net NPAs) **1%** पर आ गए। हालांकि, बैंक का महंगा P/E रेश्यो (Price-to-Earnings ratio) वैल्यूएशन पर सवालिया निशान लगा रहा है।

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दमदार तिमाही नतीजे: प्रॉफिट में 68% उछाल, एसेट क्वालिटी भी सुधरी

Bandhan Bank ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक ने 68% का जोरदार सालाना उछाल दिखाते हुए ₹534 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी तिमाही में आए ₹314 करोड़ के प्रॉफिट से काफी ज्यादा है, और पिछली तिमाही (Q3 FY26) के ₹205 करोड़ के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है।

एसेट क्वालिटी (Asset Quality) के मोर्चे पर भी राहत मिली है। नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) पिछले साल के 1.3% से घटकर 1% पर आ गए। वहीं, ग्रॉस एनपीए (Gross NPAs) 4.7% से सुधरकर 3.3% पर पहुंच गए। बैंक के टोटल डिपॉजिट्स (Total Deposits) 10% बढ़कर ₹1.66 लाख करोड़ हो गए, जबकि ग्रॉस एडवांसेज (Gross Advances) 12.6% की बढ़ोतरी के साथ ₹1.54 लाख करोड़ पर पहुंच गए। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 1.4% की मामूली वृद्धि के साथ यह ₹2,796 करोड़ रही, और नेट इंटरेस्ट मार्जिन्स (NIMs) तिमाही के लिए 6.2% और पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए 6.1% पर स्थिर रहे। इन मजबूत नतीजों के बावजूद, बैंक का शेयर अपने 52-हफ्ते के हाई से करीब 34% नीचे ट्रेड कर रहा था।

सेक्टर में दूसरे बैंकों से तुलना और वैल्यूएशन का पेंच

Bandhan Bank के 6.2% के NIMs सेक्टर के लिए अच्छे माने जाते हैं। लेकिन, अभी भी बैंकिंग सेक्टर में डिपॉजिट्स (Deposits) के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा और लिक्विडिटी (Liquidity) की तंगी जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। उदाहरण के लिए, सिटी यूनियन बैंक (City Union Bank) ने क्रेडिट ग्रोथ और 3.9% के NIM के साथ ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 33% की बढ़ोतरी देखी, जबकि डीसीबी बैंक (DCB Bank) ने 19.4% का PAT ग्रोथ दिखाया।

Bandhan Bank के ऑपरेशनल रिजल्ट्स भले ही दमदार हों, लेकिन इसका वैल्यूएशन (Valuation) एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। बैंक का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ्स (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 27.80x है, जो इसके साथियों जैसे जम्मू एंड कश्मीर बैंक (J&K Bank) (6.4x), आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) (8.5x), और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) (11.8x) के मुकाबले काफी ज्यादा है। यह भारतीय बैंकों के इंडस्ट्री एवरेज P/E (12.4x) से भी काफी ऊपर है। फरवरी 2026 में MarketsMojo के एनालिसिस ने Bandhan Bank के वैल्यूएशन को 'महंगा' (P/E 24.79x) बताया था और इसे 'सेल' (Sell) रेटिंग दी थी।

पुराने ऑडिट का साया और वैल्यूएशन की चिंताएं

बैंक की मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ के बावजूद, इसका हाई वैल्यूएशन निवेशकों को चिंतित कर रहा है। 27.80x का P/E रेश्यो Bandhan Bank को साथियों और इंडस्ट्री एवरेज की तुलना में महंगा दिखाता है। इसके अलावा, बैंक अतीत में रेगुलेटरी जांच (Regulatory Scrutiny) का सामना भी कर चुका है। फरवरी 2024 में, नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी को (NCGTC) के अनुरोध पर EY ने Bandhan Bank के लगभग ₹22,750 करोड़ के लोन का फोरेंसिक ऑडिट (Forensic Audit) शुरू किया था। इस ऑडिट का मकसद एक ही लोन पर दोहरे सरकारी गारंटी, फर्जी बोर्रोअर्स, लोन एवरग्रीनिंग और स्कीम एलिजिबिलिटी जैसे संभावित मुद्दों का पता लगाना था। हालांकि Bandhan Bank ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है, यह ऑडिट बैंक के लोन पोर्टफोलियो मैनेजमेंट की पुरानी जांचों को उजागर करता है।

एक और बात जो चिंता बढ़ा सकती है, वह है ग्रॉस लोन ग्रोथ इतनी मजबूत होने के बावजूद नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में सिर्फ 1.4% की मामूली सालाना बढ़ोतरी। यह सेक्टर को प्रभावित कर रही बढ़ती फंडिंग कॉस्ट (Funding Costs) के कारण NIM पर दबाव का संकेत दे सकता है।

आगे की राह और चुनौतियां

भविष्य को देखते हुए, Bandhan Bank का मैनेजमेंट अपने बिजनेस मॉडल में डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है। भले ही बैंक ने इस तिमाही में प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) और एसेट क्वालिटी (Asset Quality) सुधारी हो, लेकिन इसे अभी भी बाजार की कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें डिपॉजिट्स (Deposits) के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा और भू-राजनीतिक जोखिम (Geopolitical Risks) शामिल हैं।

वर्तमान में बना हुआ हाई वैल्यूएशन मल्टीपल (High Valuation Multiples) और अतीत के ऑडिट का असर, बाजार का भरोसा दोबारा हासिल करने के लिए बैंक की सफलता पर निर्भर करेगा। इसे इन दबावों से निपटना होगा, अपने नेट इंटरेस्ट मार्जिन्स (NIMs) को बनाए रखना होगा, और बदलते सेक्टर डायनामिक्स (Sector Dynamics) के बीच मजबूत एसेट क्वालिटी (Asset Quality) को कायम रखना होगा। कुछ एनालिस्ट्स (Analysts) अभी भी मौजूदा वैल्यूएशन गैप और टेक्निकल इंडिकेटर्स (Technical Indicators) को देखते हुए सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

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