Bandhan Bank के Q2 FY27 के नतीजे धमाकेदार रहे हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 5 गुना बढ़कर **₹621.75 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके पीछे प्रोविजनिंग लागत में कमी और **14%** की ब्याज आय में बढ़ोतरी मुख्य कारण है। हालांकि, नए इंश्योरेंस रेगुलेशंस के चलते बैंक को सालाना **₹200 करोड़** के संभावित नुकसान का खतरा है।
मुनाफे की रफ्तार और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस
बैंक का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के ₹111.87 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹621.75 करोड़ हो गया है। बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) साल-दर-साल 14.38% बढ़कर ₹2,960.48 करोड़ दर्ज किया गया है। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 18.78% की बढ़त देखी गई, जो ₹1,556.40 करोड़ पर पहुंच गया है। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछले साल के 5.8% के मुकाबले बढ़कर 6.1% रहा है, साथ ही नॉन-इंटरेस्ट इनकम भी 29% उछलकर ₹704.86 करोड़ रही है।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
बैंक के मुनाफे में इस उछाल का सबसे बड़ा कारण रिस्क प्रोविजनिंग में कटौती है। प्रोविजन और कंटीजेंसी में 37.74% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो अब ₹717.53 करोड़ रह गई है। बेहतर रिकवरी के चलते ग्रॉस NPA घटकर 3.11% और नेट NPA 0.92% पर आ गया है। बैंक मैनेजमेंट के अनुसार, पिछले दो सालों में यह बैंक का सबसे बेहतरीन तिमाही प्रदर्शन है।
रेगुलेटरी चुनौतियां
नतीजों के बीच एक चिंता भी सामने आई है। नए इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन नियमों के कारण बैंक को सालाना लगभग ₹200 करोड़ के नुकसान का अनुमान है। बैंक के MD और CEO पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने साफ किया है कि वे इस नुकसान की भरपाई के लिए अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर रहे हैं। बैंक का इंश्योरेंस पोर्टफोलियो रिटेल और रूरल मार्केट पर केंद्रित है और इसमें क्रेडिट-लिंक्ड इंश्योरेंस शामिल नहीं है, जिससे बैंक को उम्मीद है कि वे अन्य आय स्रोतों के जरिए इस झटके को संभाल लेंगे।
