Bandhan Bank Share Price: प्रमोटर्स का बड़ा कदम! बैंक बेचने की तैयारी, क्या बदलेगी चाल?

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AuthorNeha Patil|Published at:
Bandhan Bank Share Price: प्रमोटर्स का बड़ा कदम! बैंक बेचने की तैयारी, क्या बदलेगी चाल?
Overview

Bandhan Bank के निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर आ रही है। बैंक के प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेचकर 'चेंज ऑफ कंट्रोल' (Change of Control) की संभावना तलाश रहे हैं। इसके लिए उन्होंने एक इन्वेस्टमेंट बैंक को हायर किया है, जिससे बैंक में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

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Bandhan Bank के प्रमोटर्स ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है, जिससे बैंक में 'चेंज ऑफ कंट्रोल' (Change of Control) की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों का कहना है कि बैंक के प्रमोटर्स, जो कुल 39.74% हिस्सेदारी रखते हैं, अपनी नियंत्रण वाली हिस्सेदारी बेचने के लिए एक इन्वेस्टमेंट बैंक को हायर करने की प्रक्रिया में हैं। इस संभावित बिक्री से ऐसे स्ट्रेटेजिक बैंकिंग प्लेयर आकर्षित हो सकते हैं, जो पूर्वी भारत में बैंक के बड़े डिपॉजिट बेस और प्रॉफिटेबल प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग (PSL) पोर्टफोलियो में रुचि रखते हैं। प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टर्स भी इस मौके का फायदा उठा सकते हैं।

खास बात यह है कि इस खबर के बीच, Bandhan Bank ने Q3FY26 में 84% की जबरदस्त तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) बढ़ोतरी के साथ ₹111.87 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। साथ ही, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेश्यो घटकर 3.33% हो गया है। इन सबके बावजूद, शेयर में कुछ उतार-चढ़ाव देखा गया। 9 मार्च 2026 को शेयर की कीमत लगभग ₹175.20 तक गिर गई थी, जो दिन के उच्च स्तर ₹178.00 से काफी कम थी। रोजाना का औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम लगभग 8.3 मिलियन शेयर रहा। बैंक का मार्केट कैप करीब ₹29,500 करोड़ है। प्रमोटर्स का यह कदम सेक्टर में चल रही तेजी का फायदा उठाने या बैंक को किसी बड़ी इकाई के साथ जोड़ने का संकेत हो सकता है।

माइक्रोफाइनेंस सेक्टर का बदलता मंजर

माइक्रोफाइनेंस सेक्टर इस वक्त एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहाँ ग्रोथ और रिस्क मैनेजमेंट के बीच संतुलन बनाने की कोशिश हो रही है। डिजिटल को अपनाना बढ़ रहा है और ग्रुप लेंडिंग से व्यक्तिगत जिम्मेदारी की ओर बदलाव आ रहा है। लेकिन, 180+ दिनों वाले पोर्टफोलियो एट रिस्क (PAR) जैसे डिलिंक्वेंसी इंडिकेटर्स में बढ़त देखी गई है, जो मार्च 2025 में 12.6% से बढ़कर जून 2025 में 14.9% हो गया।

Bandhan Bank के CASA रेशियो में भी दिसंबर 2025 में घटकर 27.26% हो गया, जो एक साल पहले 31.73% था। हालांकि, रिटेल डिपॉजिट्स में 17.2% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। भारतीय फाइनेंशियल सेक्टर में 2025 में $8 बिलियन की डील्स के साथ मजबूत मर्जर एंड एक्विजिशन (M&A) माहौल बना हुआ है। RBI भी अधिग्रहण फाइनेंसिंग की अनुमति देकर इस प्रक्रिया को आसान बना रहा है।

वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की राय में मतभेद

फिलहाल, Bandhan Bank का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो मार्च 2026 तक 29.3 से 29.6 की रेंज में है। यह कुछ ग्रोथ-केंद्रित स्मॉल फाइनेंस बैंकों की तुलना में एक मॉडरेट वैल्यूएशन दिखाता है। तुलना के लिए, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का मार्केट कैप लगभग ₹71,146 करोड़ है, जबकि HDFC Bank ₹13.5 लाख करोड़ से ऊपर है।

एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। Jefferies जैसे कुछ ब्रोकरेज ने ₹175 के टारगेट प्राइस के साथ 'Buy' रेटिंग दी है, जबकि Ambit Capital ने ₹130 के टारगेट के साथ 'Sell' रेटिंग दी है। Motilal Oswal की राय 'Neutral' है और उन्होंने ₹175 का टारगेट दिया है। यह मतभेद बैंक की क्रेडिट कॉस्ट मैनेज करने और सेक्टर की चुनौतियों के बीच डिपॉजिट ग्रोथ बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करता है।

चिंता के कारण (Bear Case)

कुछ ऐसे कारण भी हैं जो एक सतर्क आउटलुक की ओर इशारा करते हैं। अप्रैल 2024 में फाउंडर MD & CEO का जाना लीडरशिप ट्रांजिशन को लेकर अनिश्चितता पैदा करता है। बैंक का गिरता CASA रेशियो प्रतिस्पर्धी बाजार में फंडिंग कॉस्ट को मैनेज करने की चुनौती पेश कर सकता है। इसके अलावा, भले ही Bandhan Bank का NPA रेश्यो सुधरा है, माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में डिलिंक्वेंसी बढ़ रही है। MarketsMOJO ने जनवरी 2026 में स्टॉक को 'Sell' रेटिंग दी थी, लेकिन फरवरी 2026 में टेक्निकल और वैल्यूएशन में सुधार के बाद इसे 'Hold' कर दिया। स्टॉक की 52-सप्ताह की रेंज ₹134.25 से ₹192.48 रही है, जो इसकी ऐतिहासिक अस्थिरता को दर्शाती है। RBI द्वारा SBI म्यूचुअल फंड को 9.99% तक हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी भी बैंकिंग सेक्टर में ओनरशिप स्ट्रक्चर पर रेगुलेटरी फोकस को दिखाती है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.