Bandhan Financial Services अपनी हिस्सेदारी को **2030** तक **26%** तक सीमित करेगी। इसके अलावा, **22 सितंबर** को होने वाली बैठक में **1:5** के स्टॉक स्प्लिट पर वोटिंग होगी।
हिस्सेदारी घटाने की योजना
Reserve Bank of India (RBI) के नियमों का पालन करते हुए Bandhan Bank के प्रमोटर, Bandhan Financial Services ने अपनी होल्डिंग को 26% तक लाने का रोडमैप तैयार कर लिया है। कंपनी ने साफ किया है कि यह बिक्री ओपन मार्केट के जरिए धीरे-धीरे की जाएगी, ताकि अचानक बिकवाली से शेयर की कीमतों में कोई बड़ी उठापटक न हो। प्रमोटर ने किसी भी तरह की बल्क या ब्लॉक डील से साफ इनकार किया है।
बता दें कि जून 2026 तक प्रमोटर की हिस्सेदारी 37.54% थी, जो कि पिछली तिमाही में 38.98% थी। यह क्रमिक कमी रेगुलेटरी नॉर्म्स के मुताबिक की जा रही है।
स्टॉक स्प्लिट का ऐलान
बैंक अपनी कैपिटल स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। 22 सितंबर को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में 1:5 के स्टॉक स्प्लिट पर शेयरहोल्डर्स वोट करेंगे। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो ₹10 फेस वैल्यू वाला एक शेयर ₹2 फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में बदल जाएगा। मैनेजमेंट का मानना है कि इससे लिक्विडिटी बढ़ेगी और खुदरा निवेशकों के लिए एंट्री आसान हो जाएगी।
Bandhan Financial Services का मुख्य ध्यान अब इन रेगुलेटरी माइलस्टोन्स को पूरा करने के साथ-साथ अपनी अन्य सहायक कंपनियों, जैसे Bandhan AMC और Bandhan Life Insurance की स्थिरता बनाए रखने पर है। निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि प्रमोटर किस रफ्तार से मार्केट में शेयर बेचते हैं और बैंक का एसेट क्वालिटी मैनेजमेंट कैसा रहता है।
