Bandhan Bank का लोन बुक सितंबर तिमाही में **13.1%** बढ़कर **₹1,58,335 करोड़** पहुंच गया है। हालांकि, बैंक के लो-कॉस्ट फंड यानी CASA रेशियो में गिरावट चिंता का विषय है, जो अब घटकर **26.71%** रह गया है।
लोन की बढ़ती डिमांड और फंडिंग का गणित
Bandhan Bank ने सितंबर तिमाही के अपने बिजनेस अपडेट में बताया कि बैंक का लोन बुक सालाना आधार पर 13.1% बढ़कर ₹1,58,335 करोड़ हो गया है, जबकि कुल डिपॉजिट्स 9.2% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,72,689 करोड़ पर पहुंच गए हैं। यह डेटा लोन की स्वस्थ मांग को तो दिखाता है, लेकिन डिपॉजिट का मिक्स (mix) निवेशकों के लिए चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
CASA रेशियो में गिरावट से चुनौती
बैंक का CASA रेशियो (करंट और सेविंग्स अकाउंट्स का हिस्सा) जो जून तिमाही में 29.40% था, वह अब गिरकर 26.71% पर आ गया है। आसान भाषा में समझें तो बैंक के पास अब लो-कॉस्ट फंड कम हो रहे हैं, जिसके कारण उसे महंगे टर्म डिपॉजिट्स पर ज्यादा निर्भर होना पड़ रहा है। बैंक ने रिटेल टर्म डिपॉजिट्स में 16.8% का इजाफा दर्ज किया है, जो बढ़कर ₹79,340 करोड़ हो गया है। फंडिंग की यह बढ़ती लागत बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव डाल सकती है।
राहत की बात और आउटलुक
अच्छी खबर यह है कि बैंक की एसेट क्वालिटी अभी भी स्थिर है। कलेक्शन एफिशिएंसी 98.9% पर कायम है, जो लोन रिकवरी की मजबूती को दर्शाता है। साथ ही, बैंक का लिक्विडिटी कवरेज रेशियो 137.88% है, जो किसी भी शॉर्ट-टर्म जरूरत को पूरा करने के लिए काफी है। बैंक ने हाल ही में विनय जैन को अंतरिम CFO नियुक्त किया है, और अब निवेशकों की नजरें आने वाले नतीजों पर हैं कि मैनेजमेंट इन फंडिंग चुनौतियों से कैसे निपटता है।
