Bandhan Bank का 'साइबर कॉप' अभियान: डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ रोहित शेट्टी के साथ बड़ी मुहिम

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AuthorAditya Rao|Published at:
Bandhan Bank का 'साइबर कॉप' अभियान: डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ रोहित शेट्टी के साथ बड़ी मुहिम

Bandhan Bank ने मशहूर फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के साथ मिलकर 'साइबर कॉप' नाम से एक राष्ट्रीय जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसका मकसद बढ़ते डिजिटल फ्रॉड से निपटना है। यह अभियान लोगों को वित्तीय लेनदेन के दौरान सतर्क रहने और जानकारी वेरिफाई करने के लिए प्रेरित करता है, क्योंकि भारत में डिजिटल फ्रॉड की दर **7.1%** है, जो वैश्विक औसत **3.8%** से लगभग दोगुनी है।

डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते खतरे पर Bandhan Bank की मुहिम

Bandhan Bank ने देश भर में डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 'साइबर कॉप' नामक एक राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की है। इस महत्वपूर्ण पहल में, बैंक ने जाने-माने फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के साथ साझेदारी की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित डिजिटल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करना है। 'कॉप यूनिवर्स' की थीम का इस्तेमाल करते हुए, बैंक का इरादा जटिल साइबर सुरक्षा सलाह को सरल बनाना है, जिसके तहत तीन आसान कदम उठाने का आग्रह किया गया है: कोई भी कार्रवाई करने से पहले रुकें, जानकारी सत्यापित करें, और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करें।

बढ़ते साइबर अपराध का सामना

यह अभियान भारत में साइबर अपराध की रिपोर्टों में आई भारी वृद्धि के बाद शुरू किया गया है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2025 में नागरिकों ने लगभग ₹22,495 करोड़ का नुकसान दर्ज कराया, और 24 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। ऑनलाइन घोटालों की बढ़ती जटिलता, जिसे अक्सर नई तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बढ़ावा मिलता है, बैंकिंग क्षेत्र के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। BioCatch के एक सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि 84% भारतीय बैंकिंग लीडर्स ने पिछले साल धोखाधड़ी से संबंधित नुकसान में वृद्धि देखी है, जो ऐसे शैक्षिक प्रयासों की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है।

भारत की डिजिटल भेद्यता के आंकड़े

समस्या का पैमाना TransUnion H1 2026 टॉप फ्रॉड ट्रेंड्स रिपोर्ट के हालिया निष्कर्षों से उजागर होता है। आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 में भारत में संदिग्ध डिजिटल धोखाधड़ी की दर सभी लेनदेन का 7.1% रही। यह दर वैश्विक औसत 3.8% से काफी अधिक है, जिससे पता चलता है कि भारत का डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन यह वित्तीय सुरक्षा के लिए एक उच्च जोखिम वाला क्षेत्र बना हुआ है।

Bandhan Bank के लिए, यह अभियान उसके कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) कार्यक्रम के तहत संचालित हो रहा है। जहां इस पहल का उद्देश्य जनता के विश्वास और सुरक्षा को बढ़ाना है, वहीं यह बैंकों पर डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने के लिए बढ़ते परिचालन दबाव को भी दर्शाता है। निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि ऐसे सक्रिय सुरक्षा जागरूकता उपायों का ग्राहक विश्वास और दीर्घकालिक ब्रांड प्रतिष्ठा पर क्या प्रभाव पड़ता है, साथ ही बैंक की धोखाधड़ी रोकथाम और तकनीकी उन्नयन से जुड़ी लागतों को प्रबंधित करने की क्षमता पर भी। इन अभियानों की सफलता का मुख्य संकेतक आने वाली तिमाहियों में धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग और ग्राहक सुरक्षा प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता की निरंतर निगरानी होगी।

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