Bajaj Housing Finance ने सितंबर 2026 तिमाही के लिए अपने प्रोविजनल नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का AUM **25%** बढ़कर **₹1.58 लाख करोड़** पहुंच गया है। मजबूत ग्रोथ के बावजूद स्टॉक अपने 52-वीक हाई से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है।
कंपनी द्वारा जारी प्रोविजनल अपडेट्स के मुताबिक, लोन देने के कारोबार में लगातार विस्तार देखने को मिल रहा है। ग्रॉस डिस्बर्समेंट (Gross Disbursements) में भी सालाना आधार पर 25.2% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो इस तिमाही में ₹19,930 करोड़ रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹15,914 करोड़ था। सितंबर 2026 के अंत तक कंपनी के कुल लोन एसेट्स ₹1.39 लाख करोड़ पर पहुंच गए हैं।
स्टॉक प्राइस और वैल्युएशन का गणित
जहां कंपनी के ऑपरेशन्स तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं बाजार की प्रतिक्रिया सतर्क बनी हुई है। 1 अक्टूबर 2026 को शेयर ₹82.91 पर बंद हुआ, जो इसके 52-वीक हाई ₹113.45 से काफी दूर है। बाजार में इस तरह का डायवर्जेंस तब देखने को मिलता है जब निवेशक वैल्युएशन मल्टीपल्स को लेकर दोबारा विचार कर रहे हों या बदलते इंटरेस्ट रेट माहौल में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर चिंतित हों।
निवेशकों के लिए अहम बातें
सिर्फ टॉप-लाइन ग्रोथ देखना काफी नहीं है। हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में 'नेट इंटरेस्ट मार्जिन' (Net Interest Margins) पर दबाव एक बड़ी चिंता का विषय है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी फंड की लागत (Cost of Funds) को कैसे मैनेज करती है और एसेट क्वालिटी (Bad Loans) को कैसे सुरक्षित रखती है, यह देखना बेहद जरूरी होगा। अगली विस्तृत फाइनेंशियल रिपोर्ट में यह साफ हो पाएगा कि यह विस्तार कंपनी के मुनाफे पर कैसा असर डाल रहा है।
