Bajaj Housing Finance: निवेशकों के लिए खुशखबरी! Q1 में 23% बढ़ा मुनाफा, ₹715 करोड़ पार

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AuthorAditya Rao|Published at:
Bajaj Housing Finance: निवेशकों के लिए खुशखबरी! Q1 में 23% बढ़ा मुनाफा, ₹715 करोड़ पार

बजाज हाउसिंग फाइनेंस (Bajaj Housing Finance) ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 22.6% बढ़कर **₹715 करोड़** पर पहुंच गया है। यह शानदार ग्रोथ एसेट्स में बढ़ोतरी और लोन प्रोविजन्स में कमी के चलते संभव हुई है।

मुनाफे में आई 23% की तेजी

बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के ₹583 करोड़ की तुलना में 22.6% बढ़कर ₹715 करोड़ रहा। हाउसिंग लोन सेगमेंट में लगातार बनी मांग और संभावित लोन नुकसान के लिए रखे गए फंड (Loan Loss Provisions) में कमी इस ग्रोथ की मुख्य वजह रही।

रेवेन्यू और खर्चों पर नियंत्रण

कंपनी के नेट इंटरेस्ट इनकम (ब्याज से कमाई और ब्याज का खर्च का अंतर) में 9% का इजाफा हुआ और यह ₹968 करोड़ पर पहुंच गया। तिमाही के लिए कुल रेवेन्यू ₹3,063 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹2,613 करोड़ की तुलना में 17.2% ज्यादा है। खर्चों को काबू में रखने में कंपनी को मिली सफलता, यानी ऑपरेटिंग एक्सपेंस का नेट टोटल इनकम के मुकाबले 19.6% तक गिर जाना (जो पिछले साल 21.2% था), भी मुनाफे में बढ़त का एक बड़ा कारण रहा।

एसेट क्वालिटी और पोर्टफोलियो ग्रोथ

कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में पिछले साल के मुकाबले 24% की तेजी आई और यह ₹1,49,624 करोड़ तक पहुंच गई। इस तेज ग्रोथ के बावजूद, कंपनी ने अपनी एसेट क्वालिटी को बनाए रखा है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) यानी फंसे हुए कर्ज़ का अनुपात 0.29% पर स्थिर रहा, जो पिछले साल के 0.30% से मामूली सुधार है। नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स भी 0.12% पर आ गए, जो पिछले साल 0.13% थे।

लोन लॉस प्रोविजन्स में बड़ी कमी आई, जो ₹38 करोड़ से घटकर ₹16 करोड़ रह गए। इससे कंपनी के मुनाफे को सहारा मिला। इसके अलावा, कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) 21.59% रहा, जो यह दर्शाता है कि कंपनी वित्तीय रूप से मजबूत है और रेगुलेटरी नियमों का पालन करते हुए आगे भी लोन बांट सकती है।

निवेशकों के लिए, आने वाली तिमाहियों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बढ़ती ब्याज दरों के माहौल में कंपनी इस लोन ग्रोथ को कितना बनाए रख पाती है। चूंकि हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां अपने लोन पोर्टफोलियो को फंड करने के लिए बाजार से उधार लेती हैं, इसलिए फंड की लागत और नेट इंटरेस्ट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता अहम रहेगी। भविष्य में, कंपनी अपने बढ़ते पोर्टफोलियो के साथ बैड लोंस के स्तर को कितना कम रख पाती है, इस पर भी नज़र रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.