मुनाफे में 14% की जोरदार बढ़त, पर मार्जिन पर कसा शिकंजा
Bajaj Housing Finance Ltd. ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में 14% की ज़बरदस्त बढ़त के साथ ₹669 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इस ग्रोथ का मुख्य कारण एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 23% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी है, जो 31 मार्च, 2026 तक बढ़कर ₹1.41 लाख करोड़ हो गया। इसी तिमाही में कंपनी के लोन डिस्बर्सल भी 23% बढ़कर ₹17,506 करोड़ पर पहुंच गए।
लेकिन, जहां एक ओर कंपनी की टॉप-लाइन परफॉरमेंस अच्छी रही, वहीं नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव देखा गया। मार्जिन घटकर 3.8% रह गया, जो पिछले क्वार्टर में 4% था। इसका मुख्य कारण प्राइम हाउसिंग लोन सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, खासकर बैंकों से, है। कंपनी के पोर्टफोलियो यील्ड्स (Portfolio Yields) भी घटकर 9.1% रह गए, जो पिछले साल इसी अवधि में 9.7% थे।
मार्केट शेयर बढ़ाने का बड़ा लक्ष्य और वैल्यूएशन
कंपनी ने होम लोन ओरिजिनेशन में अपनी हिस्सेदारी मौजूदा 2.5-2.7% से दोगुना करके 5% करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसे हासिल करने के लिए Bajaj Housing Finance अपने डाइवर्सिफाइड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें लीज रेंटल डिस्काउंटिंग (LRD), डेवलपर फाइनेंसिंग, और प्रॉपर्टी के बदले लोन शामिल हैं। LRD सेगमेंट सबसे तेज़ी से बढ़ता हुआ बनकर उभरा है, जो कुल एसेट्स का लगभग 25% है और इसमें 44% की साल-दर-साल (YoY) बढ़ोतरी हुई है। मैनेजमेंट को FY27 के लिए 2.0-2.2% का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) बनाए रखने की उम्मीद है, यह मानते हुए कि बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कम क्रेडिट कॉस्ट मार्जिन पर चल रहे दबाव को ऑफसेट कर देंगे।
फिलहाल, स्टॉक का वैल्यूएशन भी चर्चा में है। यह पिछले बारह महीनों की कमाई पर 29-31 गुना P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो LIC Housing Finance (P/E 5.45) और PNB Housing Finance (P/E 11.90) जैसे अपने प्योर-प्ले हाउसिंग फाइनेंस प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में काफी अधिक है। यह वैल्यूएशन निवेशकों की ओर से लगातार ग्रोथ की उम्मीद को दर्शाता है।
एनालिस्ट्स की चिंताएं और प्रतिस्पर्धी जोखिम
हालांकि, ICICI Securities ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग और ₹125 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है, जो 37% की संभावित अपसाइड का संकेत देता है, लेकिन गहराई से देखने पर कुछ जोखिम भी सामने आते हैं। कंपनी का लगभग 30 गुना P/E मल्टीपल कई साथियों जैसे LIC Housing Finance और PNB Housing Finance की तुलना में एक महत्वपूर्ण प्रीमियम पर है, जो काफी कम मल्टीपल पर ट्रेड करते हैं। यह हाई वैल्यूएशन, मार्केट शेयर बढ़ाने और मार्जिन में लगातार गिरावट के बावजूद प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर निर्भर करता है।
PNB Housing Finance जैसे प्रतिस्पर्धी भी आक्रामक विकास की योजना बना रहे हैं, जो 18-20% तक लोन विस्तार का अनुमान लगा रहे हैं और FY27 तक ₹1 लाख करोड़ का लोन बुक बनाने का लक्ष्य रख रहे हैं। यह दर्शाता है कि मार्केट में कड़ा मुकाबला है। बैंकों के कम कॉस्ट ऑफ फंड्स से चुनौती झेल रहे इस सेक्टर में, आक्रामक ग्रोथ की धारणाओं पर कंपनी की निर्भरता एक बड़ा जोखिम है।
मिली-जुली एनालिस्ट्स राय और मैनेजमेंट का भरोसा
Bajaj Housing Finance पर एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। ICICI Securities जहां ₹125 के टारगेट के साथ 'Buy' की सलाह दे रहा है, वहीं 14 एनालिस्ट्स का एक व्यापक सर्वे 'Neutral' कंसेंसस दिखाता है, जिसमें औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट लगभग ₹93.36 है। कुछ एनालिस्ट्स का औसत टारगेट ₹100 के करीब है, जो ICICI Securities द्वारा सुझाए गए संभावित अपसाइड से कम है।
मैनेजमेंट अभी भी आशावादी है और FY27 के लिए 2.0-2.2% का RoA बनाए रखने का अनुमान लगा रहा है, साथ ही बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी से प्रदर्शन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद कर रहा है। हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में स्वस्थ वृद्धि की उम्मीद है, FY26-FY27 में AUM में 15-17% की वृद्धि का अनुमान है, खासकर अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट में। Bajaj Housing Finance की नियर-प्राइम और अफोर्डेबल सेगमेंट में पैठ बनाने की रणनीति प्रतिस्पर्धा को नेविगेट करने और ग्रोथ मोमेंटम बनाए रखने की कुंजी हो सकती है।
