ऑपरेशनल ग्रोथ में जबरदस्त उछाल
Bajaj Housing Finance के Q4 FY26 के नतीजे बताते हैं कि कंपनी ने अपनी ऑपरेशनल क्षमता का बेहतरीन विस्तार किया है। मार्च 2026 तक, कंपनी के Gross Disbursements में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 23% की वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹17,530 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, Assets Under Management (AUM) में भी 23% का शानदार इजाफा हुआ और यह ₹1.4 लाख करोड़ के स्तर को पार कर गया। कंपनी का लोन बुक भी लगभग ₹1.23 लाख करोड़ तक बढ़ गया, जो इसके हाउसिंग फाइनेंस प्रोडक्ट्स की मजबूत डिमांड की ओर इशारा करता है।
नतीजों पर भारी पड़ी शेयर की गिरावट
हालांकि, इन सकारात्मक ऑपरेशनल आंकड़ों के बावजूद, कंपनी के शेयर में भारी गिरावट देखी गई है। स्टॉक फिलहाल लगभग ₹78 पर कारोबार कर रहा है, जो सितंबर 2024 के इसके लिस्टिंग के बाद के उच्चतम स्तर ₹188.50 से काफी नीचे है। यह भाव इसके IPO प्राइस ₹70 से महज़ 10% ही ऊपर है। मार्च 2026 में शेयर में लगभग 15% की गिरावट आई, जिससे इस साल अब तक यह 18.7% टूट चुका है।
वैल्यूएशन और सेक्टर की चिंताएं
यह शेयर बाजार की प्रतिक्रिया Bajaj Housing Finance के ऑपरेशनल परफॉरमेंस और स्टॉक वैल्यूएशन के बीच एक बड़े अंतर को दर्शाती है। कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो लगभग 26.2x है, जो कि LIC Housing Finance (लगभग 4.8x) और HDFC Bank (लगभग 15.7x) जैसे अपने साथियों की तुलना में काफी ज्यादा है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन सितंबर 2024 में इसके IPO के दौरान तय हुआ था, जब इसने 114% के प्रीमियम पर डेब्यू किया था। लेकिन मौजूदा बाजार हालात और शेयर के प्रदर्शन से लगता है कि निवेशक अब इस मल्टीपल पर फिर से विचार कर रहे हैं।
आगे की राह और ब्रोकरेज की राय
आगामी चुनौतियों में भारतीय हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर का बदलते परिदृश्य भी शामिल है। इस क्षेत्र में विकास की उम्मीदें हैं, लेकिन सप्लाई की कमी और अनिश्चितताओं के कारण 2026 की पहली तिमाही में प्रमुख शहरों में हाउसिंग सेल्स में 13% की गिरावट देखी गई, जो लोन की मांग को प्रभावित कर सकती है। एनालिस्ट्स ने थोड़ी सावधानी के साथ कवरेज शुरू की है। JM Financial ने 'Add' रेटिंग के साथ ₹88 का टारगेट प्राइस दिया है, लेकिन उन्होंने भी कहा है कि मौजूदा वैल्यूएशन से नियर-टर्म में ज्यादा तेजी की उम्मीद कम है। कुछ अन्य रिपोर्ट्स ₹100 के आसपास एवरेज प्राइस टारगेट का जिक्र करती हैं, लेकिन कुछ ब्रोकर मौजूदा मल्टीपल्स को लेकर सतर्क बने हुए हैं।
भविष्य की ओर देखें तो, Bajaj Housing Finance अपने पैरेंट कंपनी Bajaj Finance के सपोर्ट के साथ बढ़ते भारतीय हाउसिंग फाइनेंस मार्केट में अच्छी स्थिति में है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि FY26 से FY28 तक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) 20% के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ सकता है। हालांकि, एनालिस्ट्स के प्राइस टारगेट में काफी अंतर है, जो ₹146 से लेकर ₹340 से भी ऊपर तक जाते हैं। यह भविष्य के स्टॉक प्रदर्शन को लेकर महत्वपूर्ण अनिश्चितता को दर्शाता है। कंपनी के लिए विकास की गति को बनाए रखना और बाजार की शंकाओं व सेक्टर-व्यापी मंदी से निपटना महत्वपूर्ण होगा।
