रिकॉर्ड निचला स्तर और IPO से नज़दीकी
Bajaj Housing Finance के शेयर में भारी बिकवाली का दौर जारी है। शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर यह स्टॉक करीब 4% गिरकर ₹76.29 पर पहुंच गया। यह गिरावट शेयर को उसके IPO प्राइस के काफी करीब ले आई है।
लिस्टिंग के गेन्स हुए खत्म
बता दें कि सितंबर 2024 में IPO के तुरंत बाद शेयर अपने रिकॉर्ड हाई ₹188.50 पर पहुंचा था। तब से अब तक, Bajaj Housing Finance का शेयर 60% से ज्यादा की वैल्यू खो चुका है। लिस्टिंग पर ₹150 पर खुले इस शेयर ने अपने शुरुआती उछाल का 85% से अधिक गंवा दिया है।
JM Financial की सतर्क शुरुआत
इस बीच, ब्रोकरेज फर्म JM Financial ने Bajaj Housing Finance पर 'Add' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। फर्म ने ₹88 का टारगेट प्राइस दिया है। यह वैल्यूएशन FY28 के अनुमानित बुक वैल्यू प्रति शेयर (BVPS) का 2.5 गुना है, जो प्रतिस्पर्धियों के 2.3 गुना के आसपास है। JM Financial का मानना है कि निकट भविष्य में बड़ी तेजी की गुंजाइश सीमित है, हालांकि कंपनी के मजबूत मेट्रिक्स को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
रणनीतिक ताकतें और एफिशिएंसी
JM Financial के अनुसार, Bajaj Housing Finance कड़ी प्रतिस्पर्धा और बढ़ते NBFC यील्ड्स के बावजूद अपने नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) को बचाए रख सकता है। कंपनी की कुछ खास ताकतें हैं: Bajaj Finance से मिला मजबूत पेरेंटेज, महंगे कर्ज को सफलतापूर्वक रीफाइनेंस करना, और हाई-यील्ड वाले सेगमेंट में ग्रोथ। इसके अलावा, कर्मचारी लागत में कमी, असेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में तेज ग्रोथ से मिले ऑपरेटिंग लेवरेज, और टेक्नोलॉजी में रणनीतिक निवेश के चलते ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में भी सुधार हुआ है।
ग्रोथ की संभावनाएं और असेट क्वालिटी
कंपनी की असेट क्वालिटी (Asset Quality) भी काफी मजबूत है, जिसमें FY23 से 9MFY25 के दौरान औसत क्रेडिट कॉस्ट्स लगभग 14 बेसिस पॉइंट्स रही है। JM Financial को FY26 से FY28E के बीच अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में 20% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) की उम्मीद है। यह ग्रोथ डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो, स्थिर मार्जिन (औसतन 2.9%), बेहतर कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो और सावधानीपूर्वक क्रेडिट कॉस्ट मैनेजमेंट से आएगी। फर्म को FY28E तक 2% का कंसिस्टेंट रिटर्न ऑन असेट्स (RoA) और 13-14% का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) बनाए रखने की उम्मीद है।
Bajaj Housing Finance का ओवरव्यू
Bajaj Housing Finance, जो 2008 में स्थापित हुई थी और Bajaj Finance की सब्सिडियरी है, भारत की दूसरी सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (LIC Housing Finance के बाद) है। यह विभिन्न प्रकार के मॉर्गेज प्रोडक्ट्स (Mortgage Products) प्रदान करती है। कंपनी ने Q3 FY26 के नतीजों में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 6% की गिरावट के साथ ₹4,066 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया। हालांकि, टोटल इनकम में 15% से अधिक की बढ़त देखी गई और यह ₹21,215 करोड़ रही। तिमाही के अंत तक असेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹4,88,477 करोड़ पर पहुंच गया।