Bajaj Housing Finance पर ₹17,700 Cr का दबाव: लॉक-इन अवधि खत्म, वैल्यूएशन पर बड़ा टेस्ट

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Bajaj Housing Finance पर ₹17,700 Cr का दबाव: लॉक-इन अवधि खत्म, वैल्यूएशन पर बड़ा टेस्ट
Overview

13 अप्रैल 2026 को Bajaj Housing Finance लिमिटेड (BAJAJHFL) के लिए एक बड़ा टेस्ट आने वाला है। इस दिन कंपनी के **25%** शेयर, जिनकी कीमत करीब **₹17,700 करोड़** है, लॉक-इन अवधि (lock-in period) खत्म होने के बाद ट्रेड के लिए उपलब्ध हो जाएंगे। यह बड़ी मात्रा बाजार में बिकवाली का दबाव बना सकती है, खासकर जब कंपनी का **valuation** अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अधिक नजर आ रहा है।

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शेयर की बड़ी सप्लाई से वैल्यूएशन पर सवाल?

13 अप्रैल 2026, Bajaj Housing Finance Ltd. (BAJAJHFL) के लिए एक अहम तारीख है। इस दिन, कंपनी की 25% इक्विटी, यानी करीब 210 करोड़ शेयर, जिनका मूल्य लगभग ₹17,742.9 करोड़ है, IPO के बाद की स्टैंडर्ड लॉक-इन अवधि समाप्त होने पर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे। शेयर्स की यह बड़ी खेप बाजार में भारी बिकवाली का दबाव डाल सकती है। भले ही सारे शेयर एक साथ न बेचे जाएं, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा एक 'ओवरहैंग' (overhang) तैयार करती है जो स्टॉक के लिए चुनौती बन सकती है। 10 अप्रैल 2026 तक, BAJAJHFL ₹85.94 पर ट्रेड कर रहा था, जो इसके ₹70 के IPO प्राइस से थोड़ा ही ऊपर था और अपने हाईएस्ट लेवल ₹188.5 से 54% से भी ज्यादा नीचे गिर चुका था। इस भारी गिरावट से पता चलता है कि बाजार की भावना (market sentiment) बदल गई है, भले ही कंपनी मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस दिखा रही हो।

मजबूत ग्रोथ के बावजूद हाई वैल्यूएशन की चिंता

आने वाले शेयर रिलीज के बावजूद, Bajaj Housing Finance ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही के लिए मजबूत प्रोविजनल नतीजे पेश किए हैं। ग्रॉस डिस्बर्समेंट (Gross Disbursements) साल-दर-साल 23% बढ़कर ₹17,530 करोड़ हो गया, और 31 मार्च 2026 तक AUM (Assets Under Management) 23% बढ़कर ₹1.4 लाख करोड़ हो गया। लोन एसेट्स पिछले साल के ₹99,513 करोड़ की तुलना में बढ़कर लगभग ₹1.23 लाख करोड़ हो गए। यह ग्रोथ Bajaj Housing Finance को भारत की सबसे तेजी से बढ़ने वाली हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) में से एक बनाती है। हालांकि, बाजार की प्रतिक्रिया (market reaction) valuation की चिंताओं के कारण फीकी रही है। कंपनी का पिछले बारह महीनों का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 28-29 है, जो LIC Housing Finance (P/E ~5.33) और PNB Housing Finance (P/E ~10.30) जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी ज्यादा है। वहीं, भारतीय फाइनेंशियल इंडस्ट्री का औसत P/E करीब 19.6x है। यह प्रीमियम valuation, 60% की गिरावट के साथ मिलकर, यह दर्शाता है कि निवेशक यह मानने को तैयार नहीं हैं कि ग्रोथ मौजूदा मल्टीपल्स (multiples) को सही ठहराती है।

प्रमोटर की हिस्सेदारी और SEBI नॉर्म्स का दबाव

ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होने वाले शेयर्स की बड़ी मात्रा इकलौती चिंता नहीं है। प्रमोटर Bajaj Finance Ltd. के पास 10 अप्रैल 2026 तक Bajaj Housing Finance का लगभग 86.7% स्टेक है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नॉर्म्स को पूरा करने के लिए, जिसके तहत 25% पब्लिक फ्लोट की आवश्यकता होती है, Bajaj Finance को अंततः अपनी हिस्सेदारी कम करनी होगी। हालिया बिक्री के बावजूद, अभी भी एक बड़ा हिस्सा बेचना बाकी है, जो लगातार बिकवाली का दबाव पैदा कर सकता है। एनालिस्ट्स का कहना है कि इसका P/E रेश्यो प्रतिस्पर्धियों से अधिक है, और कुछ रिपोर्ट्स इसे इसके अनुमानित उचित मूल्य (fair value) की तुलना में महंगा मानती हैं। हालांकि BAJAJHFL 23% AUM ग्रोथ और लगभग 13.5% के कॉम्पिटिटिव रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) जैसे मजबूत ऑपरेशनल मेट्रिक्स का दावा करता है, लेकिन इन फंडामेंटल्स ने स्टॉक की परफॉरमेंस को लगातार नहीं बढ़ाया है। इससे valuation के प्रति बाजार की संवेदनशीलता स्पष्ट होती है।

एनालिस्ट्स की राय और सेक्टर का आउटलुक

एनालिस्ट्स Bajaj Housing Finance को लेकर बंटे हुए हैं। 13 एनालिस्ट्स में से 6 'Buy', 3 'Sell', और 4 'Hold' की सलाह दे रहे हैं, जिससे 'Neutral' का कंसेंसस बना हुआ है। औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹95.15 है, जो मौजूदा स्तरों से लगभग 10.72% की संभावित अपसाइड का संकेत देता है। हालांकि, HSBC जैसे कुछ ब्रोकरेज हाउस 'Sell' रेटिंग के साथ लोअर टारगेट दे रहे हैं। JM Financial ने 'Add' रेटिंग और ₹88 के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू की है, कंपनी के 'best-in-class metrics' को स्वीकार करते हुए, लेकिन प्रतिस्पर्धियों की तुलना में इसके रिच valuation के बारे में सावधानी बरतने को कहा है। भारतीय हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में 2026 तक सालाना 10-12% की स्थिर ग्रोथ का अनुमान है, और बाजार का आकार 2029-30 तक ₹77–81 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। Bajaj Housing Finance का ऑपरेशनल परफॉरमेंस इस पॉजिटिव सेक्टर आउटलुक के अनुरूप है। हालांकि, तत्काल चुनौती लॉक-इन की समाप्ति से उत्पन्न सप्लाई ओवरहैंग और इसके हाई valuation से निपटना है, जो इसके फंडामेंटल स्ट्रेंथ के बावजूद निवेशक की भावना को प्रभावित कर सकता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.