मुनाफे और AUM में क्यों आई तेजी?
Bajaj Housing Finance Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में सालाना आधार पर 23% की बड़ी उछाल आई है, जो अब ₹1.33 लाख करोड़ पर पहुँच गया है। इस वृद्धि को मुख्य रूप से लोन डिस्बर्समेंट में आई 32% की शानदार साल-दर-साल (YoY) बढ़ोतरी ने हवा दी है।
प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ने भी अच्छी रफ्तार पकड़ी है, जो 21% YoY बढ़कर ₹665 करोड़ रहा। कंपनी ने अपनी एसेट क्वालिटी को बेहतरीन बनाए रखा है, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 27 बेसिस पॉइंट और नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) 11 बेसिस पॉइंट पर रहे।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी सुधार देखने को मिला, OPEX से नेट टोटल इनकम (NTI) का अनुपात इस तिमाही में 19% पर आ गया। फंड की लागत (Cost of Funds) में भी 50 बेसिस पॉइंट YoY का सुधार हुआ और यह 7.3% पर आ गई। हालांकि, पोर्टफोलियो यील्ड्स में कमी के कारण ग्रॉस स्प्रेड्स में 12 बेसिस पॉइंट की कमी आई है, जो 1.8% पर पहुँच गया है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) YoY और पिछली तिमाही की तुलना में 4% पर स्थिर बना हुआ है।
क्या हैं खतरे और आगे का प्लान?
कंपनी के Tier-1 कैपिटल में आई गिरावट चर्चा का विषय रही। मैनेजमेंट ने इसका श्रेय होम लोंस और कंस्ट्रक्शन फाइनेंस के लिए RBI के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, डिस्बर्स न हुए लोन ट्रान्शेज़ के लिए सावधानीपूर्वक प्रोविजनिंग (Provisioning) को दिया। इसके बावजूद, कंपनी अपने कैपिटल एडिक्वेसी (Capital Adequacy) और ओवरऑल प्रॉफिटेबिलिटी आउटलुक को लेकर आश्वस्त है।
'संभव लोंस' (Sambhav Loans) सेगमेंट के लिए मैनेजमेंट की आक्रामक ग्रोथ प्लानिंग है, जिसका फोकस नियर प्राइम और अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस पर है। उनका लक्ष्य इस सेगमेंट में मंथली डिस्बर्समेंट रन रेट को अगले 12 से 15 महीनों में ₹600 करोड़ से दोगुना से भी ज्यादा करना है। इस सेगमेंट का वर्तमान AUM ₹5,000 करोड़ से अधिक है।
खासकर प्राइम हाउसिंग लोन सेगमेंट में कॉम्पिटिटिव इंटेंसिटी एक अहम फैक्टर बनी हुई है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि बाजार सामान्य होने की स्थिति में अगले साल फंड की लागत में 25-30 बेसिस पॉइंट की कमी आ सकती है। कंपनी ने मीडियम-टर्म ( 3-4 साल ) के लिए कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो को 14-15% पर लाने का लक्ष्य रखा है। AUM ग्रोथ के डायनामिक्स के आधार पर, प्रूडेंशियल कैपिटल (PBC) क्राइटेरिया को मैनेज करने के लिए लोन असाइनमेंट जैसी रणनीतियों का इस्तेमाल जारी रह सकता है। मीडियम-टर्म ग्रोथ गाइडेंस 24-26% रहने का अनुमान है, जो इंटरेस्ट रेट के सामान्य होने और एट्रीशन (Attrition) कम होने पर निर्भर करेगा।