दरअसल, कंपनी के मैनेजमेंट ने भविष्य की अनिश्चितताओं से निपटने की तैयारी के तौर पर प्रोविजन्स (Provisions) पर काफी जोर दिया है। इस तिमाही में कुल ₹3,620 करोड़ के प्रोविजन्स किए गए, जिसमें ₹1,406 करोड़ का एक्सीलरेटेड ECL (Expected Credit Loss) चार्ज और ₹265 करोड़ का लेबर कोड चार्ज भी शामिल है। अगर इन एकमुश्त खर्चों और प्रोविजन्स को हटा दें, तो कंपनी का अंडरलाइंग नेट प्रॉफिट (Underlying Net Profit) असल में 32% की जोरदार बढ़ोतरी के साथ ₹2,936 करोड़ तक पहुंच जाता, जो कंपनी की अंदरूनी ऑपरेटिंग स्ट्रेंथ को दर्शाता है।
कंपनी की सबसे बड़ी सब्सिडियरी, Bajaj Finance, ने शानदार एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ग्रोथ दिखाई है। इसका AUM 22% बढ़कर ₹4,84,477 करोड़ तक पहुंच गया। एसेट क्वालिटी (Asset Quality) की बात करें तो, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) 1.21% पर स्थिर हैं, जबकि नेट NPAs 0.47% पर हैं। यह सेक्टर में बढ़ती चिंताओं के बीच एक मजबूत स्थिति है।
भारतीय वित्तीय सेवा सेक्टर फिलहाल कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इस तुलना में, Bajaj Finserv का 32% का अंडरलाइंग प्रॉफिट ग्रोथ और Bajaj Finance का 22% का AUM ग्रोथ, इसे बाकी बड़े खिलाड़ियों से आगे रखता है। उदाहरण के लिए, HDFC Bank ने 9.0% की AUM ग्रोथ दर्ज की, जबकि ICICI Bank के ग्रॉस NPA 1.53% पर थे, जो Bajaj Finserv की 1.21% की तुलना में अधिक हैं।
बाजार के विश्लेषक (Analysts) Bajaj Finserv के भविष्य को लेकर काफी सकारात्मक हैं। Jefferies और Nomura जैसी ब्रोकरेज फर्म्स ने 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है और टारगेट प्राइस (Target Price) को ऊपर बढ़ाया है। उनका मानना है कि कंपनी की मजबूत ग्रोथ, आक्रामक लेकिन समझदारी भरी प्रोविजनिंग स्ट्रैटेजी और बेहतर रिस्क मैनेजमेंट के दम पर शेयर में 10% से ज्यादा की तेजी आ सकती है। फिलहाल, Bajaj Finserv और Bajaj Finance के P/E रेश्यो इंडस्ट्री एवरेज 19.56 से काफी ऊपर, 33.1 और 33.84 के आसपास चल रहे हैं, जो बाजार के इस विश्वास को दर्शाता है कि कंपनी अपनी वैल्यूएशन को जस्टिफाई कर सकती है।
संक्षेप में, भले ही रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट में ज्यादा इजाफा न दिख रहा हो, लेकिन Bajaj Finserv की मजबूत टॉप-लाइन ग्रोथ, आक्रामक प्रोविजनिंग के बावजूद मजबूत अंडरलाइंग परफॉर्मेंस, और Bajaj Finance की कंसिस्टेंट AUM ग्रोथ, इसे निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाती है।
