Bajaj Finance ने अपनी लोन ग्रोथ को मजबूती देने के लिए **₹17,500 करोड़** जुटाने की योजना को बोर्ड की मंजूरी दे दी है। इस फंडरेजिंग में **₹11,700 करोड़** का QIP और प्रमोटर Bajaj Finserv को **₹5,800 करोड़** के वारंट्स जारी किए जाएंगे।
फंडरेजिंग की रणनीति
कंपनी के बोर्ड ने 1 अक्टूबर, 2026 को इस बड़े कैपिटल-रेजिंग प्लान पर मुहर लगाई है। इसका मुख्य मकसद कंपनी की बैलेंस शीट को और अधिक मजबूत बनाना है ताकि भविष्य में लोन बुक का विस्तार तेजी से किया जा सके। यह पूरी कवायद दो हिस्सों में बंटी है।
कैसे आएगा पैसा?
QIP (Qualified Institutions Placement): इसके जरिए कंपनी ₹11,700 करोड़ जुटाएगी। इसमें म्यूचुअल फंड्स, इंश्योरेंस कंपनियों और फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को सीधे नए शेयर जारी किए जाएंगे।
कन्वर्टिबल वारंट्स: प्रमोटर Bajaj Finserv को ₹5,800 करोड़ के वारंट्स जारी किए जाएंगे। नियम के मुताबिक, प्रमोटर को 18 महीने के भीतर इन्हें इक्विटी शेयरों में बदलने का अधिकार होगा और अलॉटमेंट के समय उन्हें कम से कम 25% पैसा एडवांस में देना होगा। प्रमोटर का यह कदम कंपनी के प्रति उनके भरोसे को दर्शाता है।
मार्केट और रेगुलेटरी नजरिया
हालांकि कंपनी ने इसे ग्रोथ के लिए एक सक्रिय कदम बताया है, लेकिन निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि इतने बड़े फंड के आने से कंपनी के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पर क्या असर पड़ेगा। साथ ही, बढ़ते ब्याज दरों के माहौल में नेट इंटरेस्ट मार्जिन को बनाए रखना कंपनी के लिए एक चुनौती होगी।
इसके अलावा, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और IRDAI जैसे रेगुलेटर्स की ओर से लगातार आ रहे कड़े नियमों के बीच कंपनी को अपने ऑपरेशंस को बैलेंस करना होगा। फिलहाल, इस पूरे प्रस्ताव पर शेयरधारकों की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है, जिसके बाद ही इसे अमल में लाया जाएगा।
