AUM का माइलस्टोन और शेयर में उछाल
Bajaj Finance के लिए आज का दिन काफी अहम रहा। कंपनी ने अपने चौथे तिमाही के बिजनेस अपडेट में बताया कि उसका एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹5.10 लाख करोड़ के पार निकल गया है। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 22% की मजबूत ग्रोथ दिखाता है। कंपनी ने इस तिमाही में 12.89 मिलियन नए लोन बांटे, जो 20.5% की वृद्धि दर्शाता है। इस दमदार परफॉरमेंस ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और शेयर 7% से ज़्यादा चढ़कर ₹900 के अहम स्तर को पार कर गया। कंपनी का कस्टमर बेस भी बढ़कर 119.33 मिलियन तक पहुंच गया है।
वैल्यूएशन और सेक्टर में तुलना
Bajaj Finance का पी/ई (P/E) रेश्यो लगभग 32.35 है। अगर इसकी तुलना अन्य बड़ी कंपनियों से करें, तो यह HDFC Bank (15-19) और ICICI Bank (15-19) जैसे बैंकों से ज़्यादा है, लेकिन Cholamandalam Investment and Finance (24-26) और Shriram Finance (18-19) जैसे NBFCs के आसपास है।
मैक्वेरी की चिंताएं: ग्रोथ में सुस्ती और डिपॉजिट की समस्या
हालांकि, ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने इस अपडेट पर चिंता जताई है। उन्होंने Bajaj Finance की 'Underperform' रेटिंग को बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस ₹860 तय किया है। Macquarie के मुताबिक, FY21 को छोड़कर, यह कंपनी के लिए पिछले 15 सालों में सबसे धीमी ग्रोथ दर है। सबसे बड़ी चिंता डिपॉजिट बुक में आई 4% की साल-दर-साल और 3.5% की सीक्वेंसियल गिरावट है। अब डिपॉजिट कंपनी के कुल उधार का केवल 16% है, जबकि पहले यह 20-22% तक पहुंचता था। Macquarie को डर है कि इससे भविष्य में फंडिंग की लागत बढ़ सकती है और ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या? ग्रोथ और फंडिंग का संतुलन
अब बाजार की नजरें इस बात पर होंगी कि Bajaj Finance किस तरह आक्रामक एसेट ग्रोथ को अपनी डिपॉजिट बुक बढ़ाने के साथ संतुलित करती है। मैनेजमेंट की ओर से प्रॉफिटेबिलिटी और एसेट क्वालिटी को लेकर दिए जाने वाले बयान काफी मायने रखेंगे।