Bajaj Finance AUM **₹5 लाख करोड़** के पार, पर डिपॉजिट में गिरावट से एनालिस्ट चिंतित!

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Bajaj Finance AUM **₹5 लाख करोड़** के पार, पर डिपॉजिट में गिरावट से एनालिस्ट चिंतित!
Overview

Bajaj Finance के निवेशकों के लिए एक मिली-जुली खबर आई है। कंपनी का Assets under Management (AUM) 31 मार्च 2026 तक **₹5.10 लाख करोड़** के पार पहुंच गया, जो पिछले साल से **22%** ज्यादा है। लेकिन, इसी दौरान कंपनी की डिपॉजिट बुक **4%** घटकर **₹68,550 करोड़** रह गई है। इस पर Macquarie जैसे एनालिस्टों ने चिंता जताई है और 'Underperform' रेटिंग दी है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

₹5 लाख करोड़ AUM का पड़ाव और डिपॉजिट में गिरावट

Bajaj Finance Ltd. (BAJFINANCE) ने 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए अपने बिजनेस अपडेट जारी किए हैं। कंपनी का AUM ₹5.10 लाख करोड़ के स्तर को पार कर गया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 22% की मजबूत वृद्धि दिखाता है। कंपनी के मैनेजमेंट की उम्मीदों के मुताबिक यह आंकड़ा रहा।

हालांकि, इस उपलब्धि के बावजूद, कंपनी की डिपॉजिट बुक में 4% की साल-दर-साल (YoY) गिरावट देखी गई, जो घटकर ₹68,550 करोड़ रह गई। पिछले तिमाही की तुलना में इसमें 3.5% की कमी आई है। इससे यह पता चलता है कि कंपनी को डिपॉजिट जुटाने में लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अब डिपॉजिट बुक कुल उधार का करीब 16% रह गई है, जबकि पहले यह 20-22% तक हुआ करती थी। इससे कंपनी की फंडिंग की स्थिरता और लागत को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अप्रैल 2026 की शुरुआत में, Bajaj Finance का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹2.42 ट्रिलियन था, जिसका P/E रेश्यो करीब 32.0x था, और शेयर की कीमत लगभग ₹7,100 पर ट्रेड कर रही थी।

एनालिस्टों की चिंताएं और कॉम्पिटिशन

ब्रोकरेज फर्म Macquarie के एनालिस्टों ने Bajaj Finance पर अपनी 'Underperform' रेटिंग और ₹860 का प्राइस टारगेट बरकरार रखा है। उन्होंने कहा कि फाइनेंशियल ईयर 2026 में, FY21 को छोड़कर, पिछले 15 सालों में Bajaj Finance की ग्रोथ सबसे धीमी रही। यह धीमी रफ्तार कंपनी की सामान्य ग्रोथ की राह में एक चुनौती पेश करती है। Macquarie की रिसर्च बताती है कि जैसे-जैसे Bajaj Finance आगे बढ़ेगा, 4.0% से ऊपर ROA (Return on Assets) बनाए रखना और ग्रोथ जारी रखना और मुश्किल होगा, खासकर डिपॉजिट ग्रोथ के धीमे पड़ने की स्थिति में।

HDFC Ltd. और ICICI Bank जैसे कंपटीटर बैंकों के पास अक्सर ज्यादा स्टेबल रिटेल डिपॉजिट बेस होता है, जो उन्हें फंडिंग में बड़ा फायदा देता है। इसके अलावा, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर में भी लिक्विडिटी (तरलता) की कमी छाई हुई है, जिससे सभी कंपनियों के लिए डिपॉजिट जुटाना कठिन हो रहा है। हालांकि Bajaj Finance ने मजबूती दिखाई है, लेकिन पहले भी फंडिंग के दबावों से शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। एनालिस्टों की राय बंटी हुई है; उदाहरण के लिए, Jefferies जैसी फर्म 'Buy' रेटिंग के साथ ₹9,600 का टारगेट प्राइस बनाए हुए है।

फंडिंग स्ट्रक्चर और प्रॉफिटेबिलिटी का रिस्क

Bajaj Finance की भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी और ग्रोथ के लिए उसकी फंडिंग स्ट्रक्चर मुख्य चिंता का विषय बनी हुई है। Macquarie की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कंपनी के बढ़ते आकार के साथ उच्च ग्रोथ और रिटर्न मेट्रिक्स बनाए रखना कितना मुश्किल होगा। डिपॉजिट में कमी—जो अब फंडिंग का 16% है, जबकि पहले 20-22% हुआ करती थी—एक महत्वपूर्ण कमजोरी है। बैंकों के विपरीत जिनके पास स्टेबल करेंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट (CASA) बैलेंस होते हैं, Bajaj Finance ज्यादातर मार्केट-सेंसिटिव फंडिंग पर निर्भर करती है। यह इसे इंटरेस्ट रेट के उतार-चढ़ाव और लिक्विडिटी की कमी के प्रति संवेदनशील बनाता है। Macquarie चेतावनी देती है कि डिपॉजिट पर लगातार दबाव कंपनी को और महंगी होलसेल फंडिंग की ओर धकेल सकता है। इससे नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) कम हो सकते हैं और कुल मिलाकर प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ सकता है। एसेट-लायबिलिटी बैलेंस को मैनेज करने में कोई भी चूक महंगी साबित हो सकती है।

आगे का रास्ता और निवेशकों का भरोसा

भविष्य को देखते हुए, Bajaj Finance को डिपॉजिट ग्रोथ बढ़ाने और फंडिंग लागत को मैनेज करने के लिए एक स्पष्ट योजना दिखानी होगी। ग्रोथ और फंडिंग, इन दोनों चुनौतियों पर काबू पाने की उसकी क्षमता निवेशकों के भरोसे के लिए महत्वपूर्ण होगी। एनालिस्टों का नजरिया कंपनी की डिपॉजिट बुक, एसेट क्वालिटी और प्रॉफिट मार्जिन की स्थिरता पर भविष्य के अपडेट्स के आधार पर बदल सकता है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.