ब्रोकरेज की 'BUY' रेटिंग और ₹1,100 का टारगेट
ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Bajaj Finance के स्टॉक पर अपना भरोसा जताते हुए इसे 'BUY' रेटिंग दी है और शेयर के लिए ₹1,100 का टारगेट प्राइस तय किया है। इस बुलिश आउटलुक की वजह कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में जबरदस्त ग्रोथ की उम्मीदें और उसकी परिचालन दक्षता (efficiency) में सुधार है।
AUM ग्रोथ में तूफानी तेज़ी की उम्मीद
विश्लेषकों का अनुमान है कि Bajaj Finance का AUM फाइनेंशियल ईयर 2027 तक 23% और फाइनेंशियल ईयर 2028 तक 22% की दर से बढ़ेगा। यह ग्रोथ ऑटोमोटिव और गोल्ड लोन जैसे सेगमेंट्स में मजबूत प्रदर्शन के साथ-साथ फाइनेंशियल ईयर 2027 तक 1.5 से 1.7 करोड़ नए ग्राहकों को जोड़ने के लक्ष्य से प्रेरित है। कंपनी के हालिया Q4 FY26 नतीजों में भी यह गति साफ दिखी, जहां नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 22% बढ़कर ₹5,553 करोड़ रहा। 31 मार्च 2026 तक AUM ₹5.09 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया, जबकि नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) तिमाही में 20% बढ़कर ₹11,781 करोड़ रही।
टेक्नोलॉजी से लागत घटाना, पर फंडिंग का खर्च बड़ा
Bajaj Finance अपनी वित्तीय प्रौद्योगिकी (FINAI) का इस्तेमाल करके ऑपरेटिंग खर्चों (Opex) को कम करने का लक्ष्य रख रहा है। उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 में Opex में 30 बेसिस पॉइंट (bps) की कमी आएगी, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ेगी। हालांकि, बॉन्ड यील्ड (bond yields) में लगातार हो रही बढ़ोतरी एक चुनौती पेश कर रही है, जिससे कंपनी की फंडिंग कॉस्ट बढ़ सकती है और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव आ सकता है। अच्छी बात यह है कि एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है और Q4 FY26 में क्रेडिट कॉस्ट घटकर 1.65% हो गई है। NBFCs, जो बैंकों की तुलना में तेजी से बढ़ रहे हैं, उन्हें फंडिंग जुटाने में अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
एनालिस्ट्स के टारगेट और वैल्यूएशन
Prabhudas Lilladher के अलावा, Jefferies ने भी ₹1,210 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग दी है, जबकि Morgan Stanley ने ₹1,120 के टारगेट के साथ 'Overweight' रेटिंग बरकरार रखी है। कुल मिलाकर, 35 विश्लेषक 'OUTPERFORM' की सलाह दे रहे हैं, जिनका औसत टारगेट ₹1,047.17 है। वर्तमान में, यह स्टॉक 29.8x से 34.01x के TTM P/E पर ट्रेड कर रहा है। यह वैल्यूएशन पारंपरिक बैंकों जैसे Indian Bank (लगभग 10.30-10.86x) और बैंकिंग इंडस्ट्री के औसत (12.6x) से काफी ज्यादा है। NBFC साथियों की बात करें तो यह Cholamandalam Investment (31.67x) और L&T Finance (32.67x) के समान है, लेकिन Jio Financial Services (25.5x) से अधिक है।
आगे किन जोखिमों पर नज़र रखें?
निवेशकों को कुछ प्रमुख जोखिमों पर ध्यान देना होगा। यदि बॉन्ड यील्ड में लगातार बढ़ोतरी और NBFCs के बीच फंडिंग के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण NIMs में और गिरावट आती है, तो प्रॉफिटेबिलिटी पर बड़ा असर पड़ सकता है। बैंकों के विपरीत, NBFCs के पास सस्ता डिपॉजिट फंडिंग का विकल्प नहीं होता, वे महंगे बाजार कर्ज पर निर्भर रहते हैं। Q4 FY26 में ग्रॉस NPA थोड़ा बढ़कर 1.01% हुआ है। अगर यह बढ़त जारी रहती है या कुछ खास लोन सेगमेंट (जैसे अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन) में दिक्कतें आती हैं, तो यह चिंता का विषय बन सकता है। Bajaj Finance का P/E ऐतिहासिक रूप से काफी अस्थिर रहा है, जो मार्च 2021 में 76.8x से मार्च 2023 में 31.5x तक गया। इसका वर्तमान वैल्यूएशन, हालांकि 10-साल के औसत 43.19x से नीचे है, यह पूरी तरह से लगातार कमाई में वृद्धि पर निर्भर है।
ब्रोकरेज का मिला-जुला नज़रिया
कुल मिलाकर, AUM बढ़ाने और टेक्नोलॉजी का उपयोग कर दक्षता हासिल करने की Bajaj Finance की रणनीति विश्लेषकों को उत्साहित कर रही है। ज़्यादातर ब्रोकरेज फर्म 'Buy' या 'Overweight' रेटिंग बनाए हुए हैं, जिनके टारगेट मौजूदा स्टॉक प्राइस से ऊपर हैं। कंपनी से अपने ग्रोथ पाथ पर बने रहने की उम्मीद है। हालांकि, इसके मौजूदा वैल्यूएशन को बनाए रखने के लिए फंडिंग लागत, NIMs के रुझान और एसेट क्वालिटी पर कड़ी नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा, खासकर बदलते आर्थिक और रेगुलेटरी माहौल में।
