Bajaj Finance के शेयरों में आज **2.08%** की शानदार तेजी देखने को मिली। कंपनी ने मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए **₹5,543 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि से **22%** ज्यादा है। कंपनी के रेवेन्यू में भी **17%** की बढ़त दर्ज की गई है।
Detailed Coverage
शानदार तिमाही नतीजे
Bajaj Finance के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने सोमवार को अपने वित्तीय नतीजे जारी किए, जिसके बाद शेयर की कीमत ₹1,033.90 के स्तर पर 2.08% ऊपर कारोबार कर रही थी। मार्च 2026 तिमाही में, कंपनी ने ₹5,543.09 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹4,536.75 करोड़ की तुलना में 22.19% की बड़ी उछाल है।
रेवेन्यू और एनुअल ग्रोथ
तिमाही के दौरान कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 17.06% की बढ़त दर्ज की गई, जो ₹21,605.79 करोड़ रहा। यह पिछले साल की मार्च तिमाही के ₹18,456.85 करोड़ के आंकड़े से काफी अधिक है। पिछले चार सालों में भी कंपनी ने लगातार ग्रोथ दिखाई है। फाइनेंशियल ईयर 2022 में ₹31,632.42 करोड़ से शुरू होकर, फाइनेंशियल ईयर 2026 तक कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹81,982.38 करोड़ तक पहुँच गया। इसी तरह, नेट प्रॉफिट भी 2022 में ₹7,028.23 करोड़ से बढ़कर 2026 में ₹19,315.90 करोड़ हो गया।
बैलेंस शीट और वैल्यूएशन
कंपनी की बैलेंस शीट में भी संपत्ति में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। मार्च 2026 तक कुल संपत्ति ₹559,952 करोड़ पर पहुँच गई, जो मार्च 2022 के ₹212,505 करोड़ से काफी ज़्यादा है। मार्च 2026 तिमाही के अंत में, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 3.82 था। इस अवधि के अंत में मुख्य वैल्यूएशन मेट्रिक्स में 26.19 का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो और 4.37 का प्राइस-टू-बुक (P/B) रेशियो शामिल था। रिटर्न ऑन नेट वर्थ (ROE) 16.68% रहा, जबकि पिछले साल यह 17.20% था।
डिविडेंड और कॉर्पोरेट एक्शन
वित्तीय नतीजों के साथ, कंपनी ने ₹6.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है। निवेशकों को यह भी ध्यान देना चाहिए कि कंपनी ने हाल ही में अपने शेयर कैपिटल स्ट्रक्चर में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इसमें अप्रैल 2025 में 4:1 का बोनस इश्यू और 16 जून, 2025 से प्रभावी हुआ स्टॉक स्प्लिट शामिल है, जिसने फेस वैल्यू को ₹2 से घटाकर ₹1 कर दिया। ये कॉर्पोरेट एक्शन ऐतिहासिक शेयर कीमतों और ईपीएस (EPS) डेटा की तुलना के लिए महत्वपूर्ण हैं।
आगे क्या?
निवेशकों के लिए, सबसे महत्वपूर्ण बात यह देखना होगी कि कंपनी भारतीय नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सेक्टर के व्यापक क्रेडिट माहौल के बीच अपनी एसेट क्वालिटी और इंटरेस्ट मार्जिन को कैसे मैनेज करती है। हालांकि कंपनी ने लगातार प्रॉफिट ग्रोथ का ट्रेंड बनाए रखा है, लेकिन भविष्य का प्रदर्शन उसकी लेंडिंग डिमांड को बनाए रखने और उधार लागत को मैनेज करने की क्षमता पर निर्भर करेगा, जो ओवरऑल प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित करते हैं।
