मुनाफे में शानदार उछाल, AUM ने बनाया नया रिकॉर्ड
Bajaj Finance ने Q4 FY26 में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 22% बढ़कर ₹5,553 करोड़ रहा, जबकि नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 20% की वृद्धि दर्ज की गई। AUM 22% बढ़कर ₹5.09 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस शानदार प्रदर्शन का एक मुख्य कारण प्रोविजन्स (Provisions) में आई भारी कमी है। कंपनी के क्रेडिट कॉस्ट (Credit Cost) में बड़ी गिरावट आई और यह 1.65% पर आ गई, जो पिछले साल 2.17% थी। इससे कंपनी का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) 4.1% और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 20% रहा।
प्रोविजन्स में कमी और एसेट क्वालिटी
Q4 FY26 के नतीजों में प्रोविजन्स में कमी एक अहम फैक्टर रही। एनुअलाइज्ड नेट क्रेडिट कॉस्ट करीब 1.65% रही। स्टेज 2 और स्टेज 3 एसेट्स (Assets) में सुधार देखा गया, स्टेज 3 एसेट्स के लिए प्रोविजन कवरेज करीब 60% और स्टेज 2 एसेट्स के लिए 45% रहा। कंपनी ने ऑटो फाइनेंस (Auto Finance) बिजनेस को बंद करने और MSME (Micro, Small and Medium Enterprises) सेगमेंट में सख्ती जैसे कदम उठाकर एसेट क्वालिटी को बेहतर बनाया है।
पोर्टफोलियो में बड़े बदलाव, गोल्ड लोन की बहार
Q4 FY26 में AUM ग्रोथ मुख्य रूप से मॉर्गेज (Mortgage), कंज्यूमर B2C (Business-to-Consumer), रूरल B2C और गोल्ड लोन (Gold Loan) के कारण हुई। गोल्ड लोन में 115% की जबरदस्त ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ देखी गई और उम्मीद है कि FY27 के अंत तक यह कुल AUM का 5% हो जाएगा। कंपनी ने Q4 में गोल्ड लोन नेटवर्क में 138 नई ब्रांचेज़ जोड़ी हैं। वहीं, कंपनी अपने ऑटो फाइनेंस बिजनेस से बाहर निकल रही है, जिसका AUM 60% घटा है। MSME पोर्टफोलियो में भी सावधानी से ग्रोथ की जा रही है। कंपनी AI (Artificial Intelligence) में भी निवेश बढ़ा रही है, FY27 में 600 से ज्यादा AI एजेंट्स तैनात करने की योजना है।
सेक्टर की चुनौतियां और वैल्यूएशन
Bajaj Finance के मजबूत नतीजों के बावजूद, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर कुछ चुनौतियों का सामना कर रहा है। बढ़ी हुई फंडिंग कॉस्ट (Funding Cost) और ब्याज दरों में संभावित बदलाव NIMs (Net Interest Margins) पर दबाव डाल सकते हैं। Bajaj Finance का NIM Q4 FY26 में 9.5% रहा, जिसमें तिमाही-दर-तिमाही 9 बेसिस पॉइंट्स की मामूली कमी आई। कंपनी का वैल्यूएशन (Valuation) ~31x P/E पर है, जो सेक्टर की चिंताओं और ऐतिहासिक औसत 43.19x P/E से थोड़ा ज्यादा है। ऐसे में, इसके वैल्यूएशन पर बारीकी से नज़र रखने की जरूरत है।
जोखिम और भविष्य की योजनाएं
लोअर क्रेडिट कॉस्ट और प्रोविजन्स का मौजूदा प्रॉफिट को बढ़ाना भविष्य में लोन क्वालिटी को लेकर सवाल खड़ा कर सकता है। गोल्ड लोन जैसे सेगमेंट पर बढ़ती निर्भरता भी एक जोखिम है। ऑटो फाइनेंस से बाहर निकलकर नए ग्रोथ एरिया में जाने में एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) शामिल है। अगले साल राजीव बजाज बोर्ड से रिटायर होंगे, जो मैनेजमेंट में एक बदलाव लाएगा। कंपनी FY27 में 22-24% AUM ग्रोथ, NIM में मामूली कमी, कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो (Cost-to-Income Ratio) में 25-40 बेसिस पॉइंट्स का सुधार और 1.45-1.60% की क्रेडिट कॉस्ट का अनुमान लगा रही है। साथ ही, FY27 में 1.5 से 1.7 करोड़ नए ग्राहक जोड़ने का लक्ष्य है।
एनालिस्ट्स की राय
ज्यादातर एनालिस्ट्स Bajaj Finance के भविष्य को लेकर आशावादी हैं। ब्लूमबर्ग के पोल में ज्यादातर एनालिस्ट्स ने 'Buy' रेटिंग दी है और एक साल का टारगेट प्राइस करीब ₹1,052.17 रखा है। टारगेट प्राइस ₹1,000 से ₹1,210 तक के हैं, जो स्टॉक में और तेजी की संभावना जताते हैं।
