दमदार नंबर्स, लेकिन मार्केट की चिंताएं?
Bajaj Finance ने मार्च 2026 को खत्म हुई चौथी तिमाही (Q4 FY26) में अपने स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 22.8% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि के ₹3,940.44 करोड़ से बढ़कर ₹4,839.50 करोड़ हो गया है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी 17.8% बढ़कर ₹18,430.12 करोड़ पर पहुंच गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए, नेट प्रॉफिट 6.9% बढ़कर ₹17,803.87 करोड़ रहा।
AUM और कस्टमर बेस में लगातार बढ़त
कंपनी के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर AUM (Assets Under Management) ग्रोथ को लेकर है। कंसोलिडेटेड AUM 22% की शानदार रफ्तार से बढ़कर ₹5.09 लाख करोड़ के पार निकल गया है। इसके साथ ही, कंपनी के कस्टमर फ्रेंचाइजी में भी 17% का इजाफा हुआ है, जो अब 119.33 मिलियन तक पहुंच गया है। बोर्ड ने FY26 के लिए ₹6 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की भी सिफारिश की है।
वैल्यूएशन का टेंशन: क्या महंगा है शेयर?
इन मजबूत नतीजों के बावजूद, निवेशकों के बीच कुछ चिंताएं साफ दिख रही हैं। Bajaj Finance का मौजूदा P/E (Price-to-Earnings) रेश्यो लगभग 31.8x है, जो इंडस्ट्री एवरेज 20-21.48x और बड़े बैंकों जैसे HDFC Bank (25x) और ICICI Bank (22x) की तुलना में काफी ज्यादा है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन बताता है कि मार्केट कंपनी से भविष्य में जबरदस्त ग्रोथ की उम्मीद लगा रहा है। ऐसे में, ₹5.79 लाख करोड़ के मार्केट कैप वाली इस कंपनी के शेयर का इतना महंगा होना, भविष्य की ग्रोथ को लेकर सवाल खड़े करता है।
NBFC सेक्टर के सामने चुनौतियां
सिर्फ Bajaj Finance ही नहीं, पूरा नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर इस वक्त कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। फंड जुटाने की लागत बढ़ रही है, जिससे नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव है। साथ ही, अनसिक्योर्ड लेंडिंग (unsecured lending) पर रेगुलेटरी स्क्रूटनी (regulatory scrutiny) भी बढ़ रही है, जो ग्रोथ स्ट्रैटेजी को प्रभावित कर सकती है। अनिश्चित ग्लोबल इकोनॉमिक माहौल और भू-राजनीतिक तनाव भी एसेट क्वालिटी पर असर डाल सकते हैं।
एसेट क्वालिटी और मार्जिन पर बारीक नजर
आंकड़े भले ही अच्छे दिख रहे हों, लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं जिन पर गौर करना जरूरी है। कंपनी के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPAs) मामूली बढ़कर 1.01% हो गए हैं, जो पिछले साल के 0.96% से थोड़ा ज्यादा है। यह एसेट क्वालिटी में संभावित स्ट्रेस का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) में भी तिमाही-दर-तिमाही थोड़ी गिरावट देखी गई है। एक अहम बात यह भी है कि कंपनी के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बजाज बोर्ड से इस्तीफा दे रहे हैं, जो एक महत्वपूर्ण लीडरशिप बदलाव है।
एनालिस्ट्स की राय और आगे का रास्ता
एनालिस्ट्स (Analysts) Bajaj Finance के फ्यूचर आउटलुक पर बंटे हुए हैं। कुछ ब्रोकरेज हाउस 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं और ₹1,000 से ₹1,210 तक के प्राइस टारगेट दे रहे हैं, जो कंपनी की ऑपरेशनल स्ट्रेंथ को देखते हैं। वहीं, दूसरे वैल्यूएशन कंसर्न और मार्जिन पर दबाव की वजह से सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY27 में AUM ग्रोथ 22-24% के आसपास रहेगी, NIMs स्थिर रहेंगे और क्रेडिट कॉस्ट कम होगी। यह देखना होगा कि कंपनी इन चुनौतियों के बीच कैसा प्रदर्शन करती है।
