RBI द्वारा रेपो रेट को **5.50%** तक बढ़ाने के बाद, Bajaj Finance ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दरों में **15 से 40 बेसिस पॉइंट्स** का इजाफा किया है। यह निवेशकों के लिए तो अच्छी खबर है, लेकिन आने वाले क्वार्टर्स में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना अहम होगा।
नई दरें और सीनियर सिटीजन के लिए सौगात
Bajaj Finance ने 7 अक्टूबर, 2026 से नई दरें लागू कर दी हैं। कंपनी ने 12 से 60 महीने के टेन्योर के लिए ब्याज दरों में 15 से 40 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की है। नई स्कीम के तहत, सामान्य डिपॉजिटर्स को अब सालाना 7.75% तक का ब्याज मिलेगा। वहीं, सीनियर सिटीजन के लिए यह दर 8.15% तक पहुंच गई है। अगर कोई सीनियर सिटीजन अपनी FD को रिन्यू (Renew) करता है, तो उन्हें 0.10% का अतिरिक्त लाभ मिलेगा, जिससे उनकी कुल यील्ड 8.25% तक हो सकती है। कंपनी की इन डिपॉजिट स्कीम्स को CRISIL और ICRA की तरफ से AAA/Stable रेटिंग मिली हुई है, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहतर माना जाता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी: क्या मार्जिन पर पड़ेगा दबाव?
RBI की ओर से रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी के बाद ब्याज दरों में यह बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन, समस्या यह है कि जब कंपनी डिपॉजिटर्स को ज्यादा ब्याज देती है, तो उसके लिए फंड जुटाने की लागत (Cost of borrowing) बढ़ जाती है। अगर Bajaj Finance इस बढ़ी हुई लागत को अपने ग्राहकों (Loan borrowers) पर नहीं डालती है, तो उसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।
आगे क्या उम्मीद करें?
बाजार ने इस खबर का स्वागत किया है और शेयर में करीब 0.40% की मामूली तेजी देखी गई। फिलहाल निवेशकों को कंपनी के अगले तिमाही नतीजों (Quarterly Results) का इंतजार करना चाहिए ताकि यह पता चल सके कि कंपनी ऊंचे ब्याज दर वाले इस माहौल में अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे मैनेज करती है।
