Bajaj Finance Q2 Results: कंपनी का मुनाफा **29%** उछला, ₹6,370 करोड़ का शानदार प्रॉफिट दर्ज

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AuthorNeha Patil|Published at:
Bajaj Finance Q2 Results: कंपनी का मुनाफा **29%** उछला, ₹6,370 करोड़ का शानदार प्रॉफिट दर्ज

Bajaj Finance ने दूसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन करते हुए **₹6,370 करोड़** का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल के मुकाबले **29%** अधिक है। कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर **₹5.85 लाख करोड़** पहुंच गया है।

तिमाही नतीजों का विश्लेषण

कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 24% नेट इंटरेस्ट इनकम में बढ़ोतरी दर्ज की है। लोन के सभी सेगमेंट में अच्छी मांग के चलते कंपनी ने अपना फुल-ईयर एसेट ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाकर 26-27% कर दिया है।

रेगुलेटरी चुनौतियां और रिस्क

तेजी के बावजूद, कंपनी को कुछ बाहरी दबावों का सामना करना पड़ रहा है। Reserve Bank of India द्वारा रिवॉल्विंग क्रेडिट पर प्रस्तावित पाबंदियां कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, Insurance Regulatory and Development Authority of India (IRDAI) द्वारा इंश्योरेंस कमीशन नियमों में बदलाव की आहट से कंपनी की फीस-आधारित कमाई पर असर पड़ने की आशंका है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए मैनेजमेंट ने व्हीकल लोन पोर्टफोलियो को छोटा करने और गोल्ड लोन की रणनीति को बदलने का काम शुरू कर दिया है।

डिजिटल दांव से मजबूती

रेगुलेटरी सख्ती को काउंटर करने के लिए कंपनी टेक्नोलॉजी का सहारा ले रही है। उनकी इंटरनल टीम, FinAI, अब 75% कस्टमर सर्विस इंटरेक्शन एआई-बॉट के जरिए संभाल रही है। इसका असर यह रहा कि डिजिटल लोन डिस्बर्समेंट में 111% का जबरदस्त उछाल आया है। इसके साथ ही, B2B अकाउंट्स के लिए नया रिस्क मॉडल लागू किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य क्रेडिट क्वालिटी में 20% तक का सुधार करना है।

निवेशकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में 19-21% के रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) टारगेट को कैसे बरकरार रखती है और रेगुलेटरी माहौल के बीच अपने मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.