Bajaj Finance का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) साल-दर-साल **26.5%** बढ़कर **₹5.85 लाख करोड़** पर पहुंच गया है। कंपनी ने हाल ही में **₹17,500 करोड़** जुटाने का ऐलान किया है, जिसे लेकर निवेशक शेयर में होने वाले डाइल्यूशन (Dilution) पर नजर बनाए हुए हैं।
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में Bajaj Finance ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना बिजनेस और पोर्टफोलियो तेजी से बढ़ाया है। 30 सितंबर, 2026 तक कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर ₹5,84,750 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 26.5% अधिक है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि मुश्किल ब्याज दरों के माहौल में भी कंपनी की लेंडिंग बुक काफी मजबूत बनी हुई है।
ग्राहकों की संख्या में इजाफा
कंपनी का कस्टमर फ्रेंचाइजी बेस अब 128.85 मिलियन पर पहुंच गया है। तिमाही के दौरान 4.42 मिलियन नए ग्राहक जुड़े हैं और कंपनी ने 13.45 मिलियन नए लोन बांटे हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 11% की ग्रोथ है। वहीं, कंपनी का डिपॉजिट बुक भी मजबूत होकर ₹69,750 करोड़ पर आ गया है, जो फंडिंग के लिए बैंकों पर निर्भरता कम करने की रणनीति का हिस्सा है।
₹17,500 करोड़ की फंडरेजिंग का गणित
कंपनी ने 1 अक्टूबर, 2026 को ₹17,500 करोड़ जुटाने की योजना का ऐलान किया था। इसमें ₹11,700 करोड़ का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) और प्रमोटर Bajaj Finserv को ₹5,800 करोड़ के प्रिफरेंशियल वारंट जारी किए जाएंगे। इस कदम से कंपनी की कैपिटल एडिक्वेसी तो बढ़ेगी, लेकिन इसके साथ ही शेयरों का डाइल्यूशन (Equity Dilution) भी होगा, जिससे मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी का अनुपात बदल जाएगा।
बाजार का मूड और शेयर का हाल
फिलहाल Bajaj Finance का शेयर करीब ₹948 पर कारोबार कर रहा है, जो अपने 52-वीक हाई से करीब 19.5% नीचे है। बाजार में इस गिरावट की वजह इक्विटी डाइल्यूशन का डर और चुनौतीपूर्ण ब्याज दरें हैं, जो रिटेल लेंडर्स के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डालती हैं। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी कैसे इस पूंजी का उपयोग करके भविष्य में अपने रिटर्न रेशियो को बरकरार रखती है।
