स्मार्ट प्रोविजनिंग: भविष्य के लिए मजबूत तैयारी
Q3 FY26 में Bajaj Finance के मुनाफे में आई 6% की गिरावट का सीधा संबंध कंपनी की बढ़ी हुई प्रोविजनिंग से है। मैनेजमेंट ने ₹1,400 करोड़ का एक बड़ा प्रोविजन बुक किया है, जो कि कंपनी के कुल एडवांसेज़ का लगभग 0.3% है। यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा लागू किए जा रहे Expected Credit Loss (ECL) और Loss Given Default (LGD) जैसे नए और सख्त रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के अनुरूप उठाया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कंपनी की बैलेंस शीट को और मजबूत करना और भविष्य में आने वाले किसी भी संभावित क्रेडिट डिफॉल्ट के जोखिम को पहले से ही कम करना है। हाल ही में RBI ने फिनटेक पार्टनर से मिलने वाले Default Loss Guarantees (DLGs) को प्रोविजनिंग कैलकुलेशन में शामिल न करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद NBFCs के लिए अपने आंतरिक रिस्क बफर को मजबूत करना और भी ज़्यादा ज़रूरी हो गया है। इस एकमुश्त प्रोविजनिंग चार्ज के बावजूद, कंपनी का मुख्य यानी कोर बिजनेस अभी भी दमदार परफॉरमेंस दे रहा है।
ऑपरेशनल परफॉरमेंस और वैल्यूएशन का खेल
प्रोविजनिंग के भारी खर्च के प्रभाव को छोड़कर देखा जाए, तो Bajaj Finance का ऑपरेशनल परफॉरमेंस काफी मजबूत बना हुआ है। कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 22% की शानदार ग्रोथ दिखा रहा है। वहीं, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) लगभग 9% पर स्थिर बने हुए हैं, और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 19.7% दर्ज किया गया है। भारतीय नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर में FY26 के लिए 12-18% की AUM ग्रोथ का अनुमान लगाया जा रहा है, जिसमें MSME फाइनेंसिंग, व्हीकल लोन और अफोर्डेबल हाउसिंग सेक्टर्स का अहम योगदान होगा। करीब ₹6 लाख करोड़ के मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली Bajaj Finance, अपने 32.5-33.5x के TTM P/E मल्टीपल पर ट्रेड कर रही है। यह वैल्यूएशन Shriram Finance (P/E ~20x) जैसे कुछ प्रतिस्पर्धियों से अधिक है, हालांकि यह SBI Cards (P/E ~34x) के करीब है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन कंपनी की डाइवर्सिफाइड प्रोडक्ट रेंज, 10.1 करोड़ से अधिक के विशाल ग्राहक आधार और मजबूत एक्जीक्यूशन क्षमताओं को दर्शाता है।
एनालिस्ट्स का भरोसा और आगे की राह
बाजार विश्लेषक (Analysts) Bajaj Finance के भविष्य को लेकर अभी भी काफी आशावादी (optimistic) बने हुए हैं। भले ही मौजूदा तिमाही में प्रोविजनिंग के कारण नतीजों पर असर पड़ा हो, उनका मानना है कि कंपनी भविष्य की चुनौतियों के लिए अपनी नींव को और मजबूत कर रही है। एनालिस्ट्स का कंसेंसस टारगेट प्राइस मौजूदा ₹964.40 के स्तर से काफी ऊपर, करीब ₹1,090-₹1,110 की रेंज में है, जो शेयर में आगे अच्छी अपसाइड का संकेत देता है। कुछ प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने भी अपने लक्ष्य बढ़ाए हैं; HDFC सिक्योरिटीज ने 'Buy' रेटिंग के साथ ₹1,070 का टारगेट दिया है, जबकि Morgan Stanley ने ₹1,195 का लक्ष्य तय किया है। कंपनी के मैनेजमेंट का भी अनुमान है कि FY27 तक क्रेडिट कॉस्ट 1.8% से नीचे रहने की उम्मीद है और MSME सेगमेंट में एक महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेगा। स्टॉक ने पिछले चार महीनों में लगभग 12% की गिरावट देखी है और यह FY28 के अनुमानित बुक वैल्यू पर लगभग 3.7x पर ट्रेड कर रहा है, जिससे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक आकर्षक एंट्री पॉइंट साबित हो सकता है।