मुनाफे में 22% की शानदार ग्रोथ
Bajaj Finance ने Q4 FY26 के लिए दमदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 22% बढ़कर ₹5,464.57 करोड़ रहा। इस ग्रोथ का मुख्य कारण 20% बढ़कर ₹11,781 करोड़ हुआ नेट इंटरेस्ट इनकम और 21% की बढ़ोतरी वाला प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट रहा। कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी 22% की रफ्तार से बढ़कर ₹5.10 लाख करोड़ पर पहुंच गई, जिसमें 12.89 मिलियन नए लोन जोड़े गए।
एसेट क्वालिटी पर चिंता और हाई वैल्यूएशन
हालांकि, नतीजों के साथ एसेट क्वालिटी को लेकर थोड़ी चिंताएं भी सामने आई हैं। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग लोन (GNPL) का अनुपात पिछले क्वार्टर के 0.96% से बढ़कर 1.01% हो गया है। इस बीच, कंपनी का वैल्यूएशन भी अपने कई कॉम्पिटिटर्स से काफी ऊपर बना हुआ है। Bajaj Finance फिलहाल अपने पिछले 12 महीनों की कमाई पर 30-34 गुना P/E (Price-to-Earnings) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जो HDFC Bank (लगभग 15.8x) और ICICI Bank (लगभग 18.4x) जैसे बड़े बैंकों की तुलना में काफी ज्यादा है।
डिविडेंड में 5 साल की सबसे बड़ी कटौती
शेयरधारकों के लिए एक और अहम खबर यह है कि कंपनी ने ₹6 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है। यह डिविडेंड जुलाई 2019 के बाद से सबसे कम है। इस डिविडेंड में Bajaj Housing Finance में अपनी हिस्सेदारी बेचने से मिला एक छोटा स्पेशल डिविडेंड भी शामिल है।
विश्लेषकों की राय और मुख्य रिस्क
कुल मिलाकर, 35 विश्लेषकों में से 23 Bajaj Finance के शेयर को 'Buy' करने की सलाह दे रहे हैं, और उनका औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस लगभग ₹1,047.17 है, जो मौजूदा स्तरों से करीब 13.37% की संभावित तेजी का संकेत देता है। लेकिन, कई एनालिस्ट्स कंपनी के 'बहुत महंगे' (very expensive) वैल्यूएशन को लेकर चिंता जता रहे हैं। बढ़ते क्रेडिट रिस्क, फंडिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी और NBFC सेक्टर के सामने मौजूद अन्य चुनौतियों के बीच कंपनी को अपनी वैल्यूएशन को सही ठहराना एक बड़ी चुनौती होगी।
