वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में Bajaj Finance ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 22% बढ़कर ₹5,464.57 करोड़ पर पहुंच गया। यह आंकड़ा बाजार की उम्मीदों से थोड़ा कम रहा, जो ₹5,511 करोड़ था। इस दमदार प्रदर्शन का मुख्य श्रेय नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 20% की जोरदार बढ़ोतरी को जाता है, जो ₹11,781 करोड़ रही। प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी 21% का इजाफा देखा गया।
हालांकि, कंपनी की एसेट क्वालिटी को लेकर कुछ चिंताएं उभर रही हैं। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग लोन (GNPL) पिछले तिमाही के 0.96% से बढ़कर 1.01% हो गया है। वहीं, नेट एनपीए (Net NPA) में मामूली सुधार हुआ है, जो 0.44% से घटकर 0.41% पर आ गया है। ये नतीजे बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को बाजार बंद होने के बाद जारी किए गए, जिसके बाद Bajaj Finance का शेयर 0.99% गिरकर ₹932.80 पर बंद हुआ।
Bajaj Finance का वैल्यूएशन (Valuation) अपने बैंकिंग साथियों की तुलना में लगातार प्रीमियम पर बना हुआ है। कंपनी का ट्रेलिंग बारह महीने (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो करीब 31-35x है, जो HDFC Bank के लगभग 15.8x और ICICI Bank के 18.4x से काफी ज्यादा है। Cholamandalam Investment and Finance Company जैसे प्रतिद्वंद्वी 27x के P/E पर ट्रेड कर रहे हैं, वहीं Shriram Finance 22.4x पर है। बावजूद इसके, Bajaj Finance का यह प्रीमियम मल्टीपल निवेशकों की ओर से लगातार उच्च ग्रोथ की उम्मीदों को दर्शाता है।
इस बीच, एक अहम खबर यह भी है कि बजाज ग्रुप के अहम व्यक्ति और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजीव बजाज बोर्ड से अलग हो रहे हैं। उन्होंने बोर्ड को सूचित किया है कि वे 30 जुलाई, 2026 को होने वाली आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में पुनः चुनाव के लिए उम्मीदवारी पेश नहीं करेंगे। उनका यह फैसला ऐसे समय आया है जब नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर में बड़े बदलाव आ रहे हैं। हालांकि इस सेक्टर की 15-17% की ग्रोथ का अनुमान है, पर फंडिग कॉस्ट बढ़ने और मार्जिन पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है, खासकर असुरक्षित लोन के सेगमेंट में।
कंपनी ने FY26 के लिए ₹6 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) घोषित किया है, जो जुलाई 2019 के बाद सबसे कम रहा है। यह संकेत देता है कि कंपनी कैपिटल को अपने पास रखना चाहती है, शायद बढ़ते क्रेडिट कॉस्ट के लिए रिजर्व बढ़ाने या अपनी बैलेंस शीट मजबूत करने के लिए। ज्यादातर एनालिस्ट (Analysts) एसेट क्वालिटी की चिंताओं और वैल्यूएशन के बावजूद कंपनी को लेकर पॉजिटिव बने हुए हैं। 35 में से 23 एनालिस्ट्स ने 'Buy' रेटिंग दी है, और औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस ₹1,047.17 है, जो मौजूदा स्तरों से लगभग 13.37% के अपसाइड का संकेत देता है। हालांकि, कुछ एनालिस्ट्स UBS और JP Morgan ने MSME एसेट क्वालिटी को लेकर चिंता जताई है।
