अगर आप एक सीनियर सिटीजन हैं और फिक्स्ड इनकम की तलाश में हैं, तो Bajaj Finance आपके लिए एक शानदार मौका लेकर आई है। कंपनी ने सीनियर सिटीजन्स के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दरें बढ़ाकर **7.75%** प्रति वर्ष कर दी हैं। यह दरें 31 से 60 महीने की अवधि वाली FD पर लागू होंगी।
Detailed Coverage
सीनियर सिटीजन्स को मिलेगा खास फायदा
Bajaj Finance लिमिटेड ने सीनियर सिटीजन्स के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले इंटरेस्ट रेट्स को रिवाइज किया है। अब 31 से 60 महीने की अवधि की FD पर उन्हें सालाना 7.75% ब्याज मिलेगा। यह दर सामान्य निवेशकों को मिलने वाली 7.40% की दर से 0.35% ज्यादा है। कंपनी में कम से कम ₹15,000 निवेश करके आप इस स्कीम का फायदा उठा सकते हैं। इसके अलावा, आप इंटरेस्ट का भुगतान हर महीने, हर तिमाही, छमाही, सालाना या मैच्योरिटी के समय प्राप्त करने का विकल्प चुन सकते हैं।
कॉर्पोरेट FD में निवेश के जोखिम
हालांकि, सीनियर सिटीजन्स के लिए यह ब्याज दरें काफी आकर्षक हो सकती हैं, लेकिन यह समझना जरूरी है कि ये कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट हैं। बैंक FD के विपरीत, इन पर ₹5 लाख तक का डिपॉजिट इंश्योरेंस और क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) का कवर नहीं मिलता है। यानी, आपका पूरा पैसा कंपनी की क्रेडिट-वर्थीनेस पर निर्भर करता है।
क्रेडिट रेटिंग्स और कंपनी की वित्तीय स्थिति
Bajaj Finance की CRISIL AAA/Stable और ICRA AAA (Stable) जैसी हाईएस्ट क्रेडिट रेटिंग्स हैं। ये रेटिंग्स बताते हैं कि कंपनी अपनी देनदारियों को समय पर चुकाने में सक्षम है। फिर भी, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इन रेटिंग्स पर लगातार नजर रखें, क्योंकि किसी भी डाउनग्रेड से कंपनी की वित्तीय सेहत पर सवाल उठ सकता है।
टैक्स और ऑनलाइन प्रक्रिया
इन FD पर मिलने वाला इंटरेस्ट टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) के दायरे में आता है, अगर यह एक फाइनेंशियल ईयर में ₹5,000 से ज्यादा हो। अगर आपने अपना पैन (PAN) दिया है तो 10% और पैन न देने पर 20% TDS कटेगा। कंपनी ने अब पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है, जिसमें KYC भी शामिल है। आप कंपनी के ऑनलाइन कैलकुलेटर का इस्तेमाल करके मैच्योरिटी की रकम और अलग-अलग पेआउट विकल्पों से होने वाली कुल कमाई का अंदाजा लगा सकते हैं। आखिर में, यह तय करना निवेशक के अपने रिस्क एपेटाइट पर निर्भर करेगा कि कॉर्पोरेट FD में निवेश करना है या नहीं, क्योंकि ये बैंक FD से ज्यादा रिटर्न तो देती हैं, लेकिन इनमें जोखिम भी ज्यादा होता है।
