Bajaj Auto **₹5,633 करोड़** का शेयर बायबैक करने जा रही है, जबकि HUL और Asian Paints जैसी बड़ी कंपनियां इस हफ्ते एक्स-डिविडेंड हो जाएंगी। इन कॉर्पोरेट एक्शन से शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट पर असर पड़ेगा। निवेशकों को इन भुगतानों के लिए अपनी पात्रता जानने हेतु खास रिकॉर्ड डेट्स पर ध्यान देना चाहिए।
क्या हुआ
इस हफ्ते भारतीय निवेशकों के लिए कई बड़े कॉर्पोरेट एक्शन देखने को मिलेंगे। कई बड़ी कंपनियां शेयर बायबैक और डिविडेंड पेमेंट को फाइनल कर रही हैं। इनमें सबसे अहम है Bajaj Auto का शेयर बायबैक, जिसकी रिकॉर्ड डेट 24 जून तय की गई है। इसके साथ ही, Hindustan Unilever (HUL), Asian Paints समेत कई बड़ी कंपनियों के एक्स-डिविडेंड डेट्स भी आ रहे हैं। यह वह महत्वपूर्ण समय होता है जब स्टॉक की कीमत आने वाले डिविडेंड पेमेंट को दर्शाने के लिए एडजस्ट की जाती है।
Bajaj Auto बायबैक की डिटेल्स
Bajaj Auto ने ₹5,633 करोड़ का एक बड़ा बायबैक प्रोग्राम अनाउंस किया है। कंपनी ₹12,000 प्रति शेयर की कीमत पर 49 लाख से ज्यादा इक्विटी शेयर वापस खरीदने का इरादा रखती है। यह ऑफर प्राइस स्टॉक की हालिया मार्केट ट्रेडिंग प्राइस से प्रीमियम पर है। इस बायबैक में भाग लेने के लिए, शेयरधारकों के पास रिकॉर्ड डेट, जो 24 जून है, से पहले स्टॉक होल्ड करना अनिवार्य है। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि यह एक टेंडर ऑफर है, जिसका मतलब है कि शेयरधारकों को निर्धारित बायबैक विंडो के दौरान कंपनी को अपने शेयर पेश करने के लिए औपचारिक रूप से अप्लाई करना होगा।
डिविडेंड कैलेंडर
कई कंपनियों ने अपने एक्स-डिविडेंड डेट्स शेड्यूल किए हैं, जिससे नए निवेशकों के लिए इन पेमेंट्स को क्लेम करने की विंडो सीमित हो गई है। 23 जून को Hindustan Unilever (प्रति शेयर ₹22), Asian Paints (प्रति शेयर ₹23), Dalmia Bharat (प्रति शेयर ₹5) और Tata Power (प्रति शेयर ₹2.50) के स्टॉक एक्स-डिविडेंड हो जाएंगे। 25 जून को Life Insurance Corporation of India (प्रति शेयर ₹10), IndusInd Bank (प्रति शेयर ₹1.50), Dr. Lal PathLabs (प्रति शेयर ₹4), Nippon Life India Asset Management (प्रति शेयर ₹12.50) और CARE Ratings (प्रति शेयर ₹14) की लिस्ट जारी रहेगी।
एक्स-डिविडेंड डेट क्यों महत्वपूर्ण है?
एक्स-डिविडेंड डेट निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण रेफरेंस पॉइंट है। जब कोई स्टॉक एक्स-डिविडेंड होता है, तो उस दिन उसकी मार्केट प्राइस आमतौर पर डिविडेंड की राशि से कम हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कैश कंपनी की बुक्स से निकलकर रिकॉर्ड शेयरधारकों के पास जाता है। एक्स-डिविडेंड डेट पर या उसके बाद स्टॉक खरीदने वाले निवेशकों को घोषित डिविडेंड नहीं मिलेगा। इसलिए, जो लोग डिविडेंड लेना चाहते हैं, उन्हें एक्स-डेट से पहले शेयर खरीदने होंगे।
निवेशकों को क्या ट्रैक करना चाहिए?
बायबैक के लिए, शेयरधारकों के लिए मुख्य ध्यान देने वाली बात एक्सेप्टेंस रेशियो (acceptance ratio) है। चूंकि बायबैक अक्सर रिटेल और अन्य निवेशकों द्वारा ओवरसब्सक्राइब किए जाते हैं, इसलिए अप्लाई करने वाले सभी लोगों के सभी शेयर कंपनी द्वारा खरीदे नहीं जा सकते हैं। शेयरधारक टेंडर ऑफर की ओपनिंग और क्लोजिंग डेट्स पर नजर रख सकते हैं। डिविडेंड देने वाले स्टॉक्स के लिए, अक्सर डिविडेंड के बाद के प्राइस मूवमेंट और भविष्य की तिमाहियों में इन पेमेंट्स को बनाए रखने या बढ़ाने की कंपनी की क्षमता पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जो बिजनेस के अंडरलाइंग हेल्थ और उसके कैश फ्लो मैनेजमेंट को दर्शाता है।
