Manappuram Finance Share: बम्पर तेजी! Bain Capital ने ली एंट्री, शेयर छूने वाला है 52-Week High

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AuthorMehul Desai|Published at:
Manappuram Finance Share: बम्पर तेजी! Bain Capital ने ली एंट्री, शेयर छूने वाला है 52-Week High
Overview

Manappuram Finance के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। Bain Capital द्वारा कंपनी का कंट्रोल अपने हाथ में लेने के बाद, शेयर में जबरदस्त तेजी आई है और यह अपने 52-Week High के बेहद करीब पहुंच गया है।

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बुधवार को Manappuram Finance के शेयर में 7% की शानदार तेजी देखी गई, जो दिन के कारोबार में ₹302.40 तक पहुंच गया। पिछले दो दिनों में यह स्टॉक 12% चढ़ चुका है और अब अपने 52-Week High, जो कि ₹320.95 है, के काफी करीब आ गया है। यह तेजी Bain Capital के कंपनी में कंट्रोल हासिल करने के बाद आई है। दरअसल, 20 अप्रैल 2026 को Bain Capital का ओपन ऑफर (Open Offer) खत्म हुआ, जिसमें पब्लिक शेयरहोल्डर्स की भागीदारी 'निल' (Nil) रही। हालांकि, 27 मार्च 2026 को एक प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) के जरिए Bain Capital की इकाइयों को कंपनी का कंट्रोल ट्रांसफर कर दिया गया था। अब 21 अप्रैल, 2026 तक Bain Capital प्रमोटर बनने की उम्मीद है, जिनके पास फुली डाइल्यूटेड बेसिस पर 18.0% से लेकर 41.66% तक शेयर हो सकते हैं। मौजूदा प्रमोटरों के पास 28.9% शेयर बरकरार रहेंगे।

Axis Securities का अनुमान है कि Manappuram Finance गोल्ड लोन ग्रोथ को रफ्तार देगी, जिसका मुख्य कारण लोन की रकम बढ़ना और ज्यादा ग्राहक जुड़ना है। कंपनी का नॉन-गोल्ड पोर्टफोलियो (Non-Gold Portfolio) स्टेबल होने के बाद FY27 से फिर ग्रोथ दिखा सकता है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव कम होने की उम्मीद है, क्योंकि गोल्ड यील्ड (Gold Yield) की रैशनलाइजेशन प्रक्रिया पूरी हो रही है। हालांकि, टेक्नोलॉजी, ब्रांचेज और स्टाफ में निवेश के कारण ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस (Operating Expenses) ऊंचे बने रहेंगे। Axis Securities को उम्मीद है कि मीडियम टर्म में ऑपरेटिंग लेवरेज (Operating Leverage) और कॉस्ट एफिशिएंसी (Cost Efficiency) का फायदा दिखेगा।

Manappuram Finance का P/E फिलहाल 14.56 है, जो IIFL Finance के 29.68 से कम है, लेकिन Muthoot Finance के लगभग 16.75 से थोड़ा कम है। भारतीय गोल्ड लोन NBFC सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, और मार्च 2027 तक AUM (Assets Under Management) ₹4.0 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। यह ग्रोथ सोने की ऊंची कीमतों और सिक्योरड लेंडिंग (Secured Lending) की ओर झुकाव से समर्थित है। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए LTV रेगुलेशन से लेंडिंग कैपेसिटी (Lending Capacity) बढ़ने की उम्मीद है। सेक्टर के AUM में FY26 के लिए 30-35% की ग्रोथ का अनुमान है।

हालांकि, कुछ जोखिम भी मौजूद हैं। Axis Securities अपने ₹295 के टारगेट प्राइस पर पहुंच चुका है, जो बताता है कि मौजूदा वैल्यूएशन (Valuation) में निकट भविष्य की उम्मीदें पूरी तरह से शामिल हो चुकी हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी में लगातार निवेश के कारण ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस बढ़ने से प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर असर पड़ सकता है, भले ही ऑपरेटिंग लेवरेज का अनुमान हो। Manappuram Finance के Q3FY26 नतीजों में नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax) में गिरावट दिखी, साथ ही ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस बढ़े। गोल्ड लोन मजबूत रहे, लेकिन व्हीकल फाइनेंस (Vehicle Finance) और हाउसिंग लोन (Housing Loans) जैसे नॉन-गोल्ड सेगमेंट में पिछली तिमाही में भारी गिरावट आई, जो पोर्टफोलियो कंसंट्रेशन रिस्क (Portfolio Concentration Risk) को उजागर करता है। ओपन ऑफर में 'निल' टेंडर्स (Nil Tenders) और प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए कंट्रोल ट्रांसफर पर मार्केट की प्रतिक्रिया शेयरहोल्डर अलाइनमेंट (Shareholder Alignment) और डील स्ट्रक्चर (Deal Structure) को लेकर जांच का विषय है।

Axis Securities ने मजबूत गोल्ड लोन मोमेंटम (Momentum) के आधार पर FY26 के लिए AUM ग्रोथ के अनुमान बढ़ाए हैं। यील्ड मॉडरेशन (Yield Moderation) के कारण FY26 के नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) के अनुमानों को लगभग 3% कम किया गया है, लेकिन FY27-28 के अनुमानों में 2-3% की बढ़ोतरी की गई है। यह गोल्ड लोन ग्रोथ में निरंतरता और नॉन-गोल्ड सेगमेंट में रिकवरी की उम्मीदों पर आधारित है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY27-28E के बीच रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) 2.6-2.8% और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 11-13% पर स्टेबल हो जाएगा, जो FY26 में 1.3% और 5.4% से काफी ज्यादा है। कुल मिलाकर, FY25 से FY28E तक AUM, NII और अर्निंग्स में क्रमशः 19%, 22% और 81% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ने का अनुमान है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.