BSE के शेयरों में आज बुधवार को **2%** की गिरावट देखने को मिली। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने स्टॉक पर **₹4,000** का टारगेट प्राइस दिया है, लेकिन हालिया **5%** की तेजी के बाद निवेशक मुनाफे की वसूली (Profit Booking) करते दिख रहे हैं।
कोटक की राय और ग्रोथ का गणित
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने BSE को 'ADD' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि एक्सचेंज का डेरिवेटिव्स सेगमेंट कमाल कर रहा है और आने वाले FY26 से FY29 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 17% और नेट प्रॉफिट 20% की सालाना दर से बढ़ सकता है। कंपनी के इंडेक्स-ऑप्शंस फ्रैंचाइज़ी का प्रदर्शन इसका सबसे बड़ा ड्राइवर है।
जोखिम और सतर्कता
ब्रोकरेज का भरोसा अपनी जगह है, लेकिन बाजार के खिलाड़ी थोड़ा डर भी रहे हैं। BSE का कुल रेवेन्यू का करीब 65% हिस्सा इंडेक्स ऑप्शंस से आता है, जो इसे रेगुलेटरी बदलावों के प्रति संवेदनशील बनाता है। हाल ही में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) जैसे बदलावों का असर ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ सकता है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
इसके अलावा, स्टॉक पहले ही इस साल अच्छी दौड़ लगा चुका है, जिससे वैल्युएशन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब सबकी निगाहें सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजों पर टिकी हैं, जहां मैनेजमेंट की कमेंट्री और मार्जिन के आंकड़े साफ करेंगे कि आगे का रास्ता कितना साफ है।
