चौथी तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?
FY26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में, BSE का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 85% बढ़कर ₹1,563.51 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, इसी तिमाही में नेट प्रॉफिट में 61% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹795.47 करोड़ रहा।
पूरे साल (FY26) के नतीजे
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, BSE Ltd का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹1,322.32 करोड़ से 88% की उछाल के साथ ₹2,487.25 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स भी 63% की मजबूती के साथ ₹4,833.95 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल ₹2,957.34 करोड़ था।
डिविडेंड का ऐलान
कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹10 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। इस डिविडेंड के लिए शेयरधारकों की पात्रता तय करने हेतु रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई है।
सब्सिडियरी की बिक्री का असर
मई 2025 में BSE ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, BSE Institute Ltd, की बिक्री पूरी कर ली थी। इस डिवेस्टमेंट (Divestment) से कंपनी के प्रॉफिट में ₹14.40 करोड़ का अतिरिक्त योगदान मिला, जिसे कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में डिसकंटीन्यूड ऑपरेशन्स (Discontinued Operations) के तहत दिखाया गया है।
ग्रोथ के मुख्य कारण
BSE के इस शानदार प्रदर्शन के पीछे भारत के कैपिटल मार्केट्स (Capital Markets) का लगातार विस्तार, ट्रेडिंग वॉल्यूम में वृद्धि और डेरिवेटिव्स (Derivatives) सेगमेंट में बढ़ती भागीदारी जैसे प्रमुख कारक हैं। BSE का प्लेटफॉर्म इक्विटी, करेंसी, डेट और डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग की सुविधा प्रदान करता है।
शेयर की कीमत पर असर
इन नतीजों का सकारात्मक असर BSE के शेयरों पर भी देखने को मिला। गुरुवार को BSE के शेयर 2.89% की तेजी के साथ ₹3,963.60 के स्तर पर बंद हुए। पिछले एक महीने में यह शेयर करीब 34.91% और साल-दर-तारीख (YTD) में 51.48% चढ़ चुका है। स्टॉक वर्तमान में अपने ऑल-टाइम हाई (All-time High) पर ट्रेड कर रहा है, जो कंपनी के ग्रोथ पाथ पर निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाता है।
