NMC Healthcare के फाउंडर B.R. Shetty ने Bank of Baroda के खिलाफ कानूनी जंग छेड़ दी है। बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में उन्होंने **$15 बिलियन** की सिक्योरिटी और बैंक के सिस्टम के फॉरेंसिक ऑडिट की मांग की है।
NMC Healthcare के फाउंडर डॉ. B.R. Shetty ने Bank of Baroda के साथ अपनी कानूनी लड़ाई को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में दो नई अंतरिम याचिकाएं दायर की हैं। इसमें उन्होंने बैंक से $15 बिलियन (करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये) के संभावित हर्जाने के लिए सिक्योरिटी की मांग की है। उनका आरोप है कि मिडिल ईस्ट में NMC ग्रुप के ऑपरेशंस के दौरान बैंक ने लापरवाही बरती और फ्रॉड ट्रांजेक्शंस में मदद की।\n\n### फॉरेंसिक ऑडिट की मांग\nयाचिका का मुख्य जोर बैंक के इंटरनल सिस्टम के फॉरेंसिक ऑडिट पर है। Shetty की लीगल टीम कोर्ट से एक कमिश्नर नियुक्त करने की मांग कर रही है, जो UAE और गल्फ रीजन की ब्रांचों के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स की फॉरेंसिक इमेजिंग देख सके। वे चाहते हैं कि बैंक अपने कोर बैंकिंग और SWIFT सिस्टम के डेटा को सुरक्षित रखे और किसी भी बैकअप को डिलीट न करे, ताकि ट्रेड फाइनेंस रिकॉर्ड्स के साथ छेड़छाड़ न हो।\n\n### पुरानी सेटलमेंट पर सवाल\nयह मामला NMC Healthcare के पतन की लंबी गाथा का नया अध्याय है। जून 2026 में बैंक ने NMC के एडमिनिस्ट्रेटर्स के साथ $600 मिलियन की सेटलमेंट की थी, जिसमें बैंक ने कोई लायबिलिटी स्वीकार नहीं की थी। अब Shetty इस सेटलमेंट की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। उनकी टीम कोर्ट से यह मांग कर रही है कि बैंक बोर्ड के मिनट्स और Reserve Bank of India, SEBI व NSE के साथ हुई पत्राचार को सार्वजनिक किया जाए।\n\n### निवेशकों के लिए क्यों है अहम?\nहालांकि ये अभी केवल आरोप हैं, लेकिन निवेशकों के लिए यह घटना बैंक की इंटरनेशनल बिजनेस गवर्नेंस पर सवाल खड़े करती है। मार्केट की नजरें इस पर टिकी हैं कि कोर्ट इस फॉरेंसिक ऑडिट की मांग पर क्या रुख अपनाता है और क्या यह बैंक के लिए भविष्य में कोई नई वित्तीय परेशानी या रिप्यूटेशनल रिस्क लेकर आता है।
