BNP Paribas का अनुमान: RBI की दर कटौती से 2026 तक बैंकों की कमाई बढ़ेगी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
BNP Paribas का अनुमान: RBI की दर कटौती से 2026 तक बैंकों की कमाई बढ़ेगी
Overview

BNP Paribas का अनुमान है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) फरवरी 2026 में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती करेगा, जिससे कुल easing 150 bps हो जाएगी। इस कदम का उद्देश्य फंडिंग लागत को कम करना और बैंक मार्जिन को बढ़ाना है। बेहतर मार्जिन और एसेट परफॉरमेंस के कारण FY27 की दूसरी तिमाही तक निजी बैंकों की EPS ग्रोथ डबल डिजिट में पहुंचने का अनुमान है।

BNP Paribas रिसर्च का अनुमान है कि फरवरी 2026 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो दर में 25 बेसिस पॉइंट की और कटौती लागू करेगा। यह कदम वर्तमान मौद्रिक नीति चक्र में कुल 150 बेसिस पॉइंट की easing का प्रतीक होगा। फर्म का मानना है कि RBI के मौद्रिक नीति निर्णय मुख्य रूप से घरेलू मुद्रास्फीति-विकास संतुलन से प्रेरित होते हैं। अपेक्षित मुद्रास्फीति के आंकड़े निरंतर मौद्रिक समायोजन के मामले को पटरी से उतारने की संभावना नहीं रखते हैं, जो इस अंतिम दर समायोजन के अनुमान को मजबूत करता है।

अपेक्षित दर कटौती से वित्तीय संस्थानों की फंडिंग लागत धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। यह गतिशीलता वित्त वर्ष 2027 तक बैंक मार्जिन को बनाए रखने और समर्थन देने के लिए अनुमानित है। इसके परिणामस्वरूप, निजी क्षेत्र के बैंकों की कमाई में उल्लेखनीय वृद्धि होने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही तक इन बैंकों की प्रति शेयर आय (EPS) वृद्धि दहाई अंकों (टीन्स) में पहुंच सकती है, जो मार्जिन विस्तार और मजबूत संपत्ति गुणवत्ता से प्रेरित होगी। हालांकि ऋण दरें जल्दी से रीप्राइस हो जाती हैं, कम जमा लागतों और कम लागत वाली CASA जमाओं में संभावित वृद्धि के पूर्ण लाभों को साकार होने में समय लगेगा। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में गिरावट के बाद शुद्ध ब्याज मार्जिन (Net Interest Margins) में सुधार की उम्मीद है, जो धीरे-धीरे ऊपर की ओर रुझान प्रदर्शित करेगा।

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