फ्रांस की दिग्गज इंश्योरेंस कंपनी BNP Paribas Cardif, प्राइवेट इक्विटी फर्म Warburg Pincus से IndiaFirst Life Insurance में **26%** हिस्सेदारी खरीदेगी। इस डील से इंश्योरर को एक नया स्ट्रैटेजिक पार्टनर मिल गया है, जिसे Bank of Baroda और Union Bank of India का भी समर्थन प्राप्त है। BNP Paribas Cardif के भारतीय इंश्योरेंस मार्केट में यह वापसी है।
Detailed Coverage
IndiaFirst Life Insurance का बदलेगा मालिकाना हक
फ्रांस के बड़े बैंकिंग ग्रुप BNP Paribas का इंश्योरेंस डिविजन, BNP Paribas Cardif, भारतीय लाइफ इंश्योरेंस मार्केट में वापसी कर रहा है। कंपनी ने IndiaFirst Life Insurance में 26% हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक डील साइन की है। यह हिस्सेदारी मौजूदा निवेशक, प्राइवेट इक्विटी फर्म Warburg Pincus, से खरीदी जा रही है, जो इस इंश्योरर से अपना निवेश निकालकर बाहर निकल रही है।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बदलाव
इस सौदे के पूरा होने और जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल्स मिलने के बाद, IndiaFirst Life Insurance के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। Bank of Baroda सबसे बड़ा शेयरहोल्डर बना रहेगा, जिसकी हिस्सेदारी करीब 65% होगी। BNP Paribas Cardif करीब 26% हिस्सेदारी रखेगी, और Union Bank of India के पास बाकी 9% हिस्सेदारी बरकरार रहेगी। इस बदलाव से इंश्योरर को एक नया स्ट्रैटेजिक पार्टनर मिल रहा है, जो Warburg Pincus की जगह लेगा। Warburg Pincus ने यह हिस्सेदारी मूल पार्टनर Legal & General से खरीदी थी।
बैंकाश्योरेंस मॉडल पर फोकस
BNP Paribas Cardif, बैंकाश्योरेंस मॉडल का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। इस मॉडल में इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स को बैंक की शाखाओं के जरिए बेचा जाता है। कंपनी को भारतीय बाजार का अनुभव है और पहले भी वे SBI Life Insurance के साथ पार्टनरशिप कर चुके हैं। Bank of Baroda और Union Bank of India के साथ मिलकर, यह इंश्योरर बैंकों के देश भर में फैले विशाल नेटवर्क के जरिए ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखता है।
Bank of Baroda के लिए यह साझेदारी फ्रांसीसी समूह के साथ उसके रिश्ते को जारी रखेगी, क्योंकि दोनों पार्टियां पहले से ही एसेट मैनेजमेंट बिजनेस में सहयोग कर रही हैं। Bank of Baroda के MD और CEO, Debadatta Chand ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य ग्लोबल इंश्योरेंस एक्सपर्टीज को बैंक की लोकल डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रेंथ के साथ जोड़ना है, ताकि ग्राहकों को बेहतर प्रोटेक्शन और सेविंग्स प्रोडक्ट्स ऑफर किए जा सकें।
रेगुलेटरी और निवेशकों की नजर
इस ट्रांजैक्शन की फाइनेंशियल टर्म्स पार्टियों द्वारा सार्वजनिक नहीं की गई हैं। चूंकि IndiaFirst Life एक पब्लिकली लिस्टेड कंपनी नहीं है, इसलिए इसके स्टॉक पर स्टॉक एक्सचेंजों पर नजर नहीं रखी जाती है। हालांकि, निवेशक अक्सर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्केट शेयर में संभावित सुधारों के लिए ऐसी साझेदारियों पर नजर रखते हैं। इस डेवलपमेंट के लिए मुख्य मॉनिटरेबल यानी जिन पर नजर रखी जाएगी, उनमें भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) से अंतिम रेगुलेटरी अप्रूवल मिलने की समय-सीमा और नया पार्टनर कितनी जल्दी अपनी ग्लोबल एक्सपर्टीज को IndiaFirst Life के मौजूदा ऑपरेशंस में इंटीग्रेट करता है, ये शामिल होंगे।
