Business Standard BFSI Insight Summit 2026 में दिग्गज फंड मैनेजर्स ने मार्केट बेंचमार्क को बीट करने की चुनौती पर मंथन किया। बाजार के बदलते मिजाज को देखते हुए अब 'Core-Satellite' पोर्टफोलियो पर जोर दिया जा रहा है।
हाल ही में आयोजित Business Standard BFSI Insight Summit 2026 में आधुनिक निवेशकों के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ: क्या पोर्टफोलियो से लगातार मार्केट को आउटपरफॉर्म करना यानी 'Alpha' जनरेट करना अब भी मुमकिन है? फंड मैनेजर्स का मानना है कि बदलते बाजार में एक्स्ट्रा रिटर्न कमाना अब पहले जैसा आसान नहीं रहा है। विशेषज्ञों की राय है कि निवेशकों को अब सिर्फ खर्चों (Costs) पर नहीं, बल्कि स्मार्ट पोर्टफोलियो बनाने पर ध्यान देना चाहिए।\n\n### 'Core-Satellite' रणनीति पर जोर\n\nसमिट में मुख्य रूप से 'Core-Satellite' अप्रोच की चर्चा हुई। इस मॉडल में, निवेशक इंडेक्स फंड्स जैसे पैसिव फंड्स को अपने पोर्टफोलियो का स्थिर 'Core' बनाते हैं। इसके साथ ही 'Satellite' हिस्से के जरिए चुनिंदा और सक्रिय दांव लगाए जाते हैं ताकि रिटर्न को बूस्ट किया जा सके। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह तरीका निवेशकों को बार-बार शेयर बदलने या डेरिवेटिव्स (Derivatives) में ट्रेडिंग करने जैसी जोखिम भरी आदतों से दूर रखता है।\n\n### IPO बाजार में बड़ा बदलाव\n\nभारतीय इक्विटी बाजार में आ रहे बड़े स्ट्रक्चरल बदलावों ने भी गेम बदल दिया है। डेटा के मुताबिक, वर्तमान में करीब 80% IPO मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट से आ रहे हैं। नई और छोटी कंपनियों की बढ़ती तादाद ने रिस्क-रिवॉर्ड का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है, जिससे अब अनुशासित और हाइब्रिड अप्रोच के बिना मुनाफा कमाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।\n\n### क्या AI स्टॉक पिकिंग में मदद करेगा?\n\nतकनीक और निवेश पर चर्चा करते हुए जानकारों ने चेतावनी दी कि 2012 से 2024 तक चले बुल रन में काम करने वाले ट्रेडिशनल क्वांटिटेटिव मॉडल अब कम प्रभावी हो रहे हैं। हालांकि आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बाजार में काफी उत्साह है, लेकिन पैनलिस्ट्स का मानना है कि इसका असली फायदा फिलहाल डेटा एनालिसिस और कस्टमर सर्विस जैसे ऑपरेशनल कामों में ही होगा, न कि स्टॉक पिकिंग में इंसानी समझ को बदलने में।
