Axis Pension Fund ने 'NPS Swasthya' नाम से एक नई हाइब्रिड स्कीम लॉन्च की है। यह स्कीम आपकी रिटायरमेंट सेविंग को एक अनिवार्य सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस के साथ जोड़ती है, जिससे आप अपने पेंशन कंट्रीब्यूशन का **25%** तक हिस्सा मेडिकल इमरजेंसी के लिए अलग रख सकते हैं।
NPS दिवस (1 अक्टूबर 2026) के मौके पर Axis Pension Fund Management ने PFRDA की गाइडलाइंस के तहत 'NPS Swasthya' पहल की शुरुआत की है। इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद आने वाले मेडिकल खर्चों के लिए एक सुरक्षित वित्तीय ढांचा तैयार करना है।
यह हाइब्रिड मॉडल कैसे काम करेगा?
यह कोई सामान्य इंश्योरेंस प्रोडक्ट नहीं है, बल्कि यह एक 'डुअल-कंपोनेंट' मॉडल है। इसमें NPS अकाउंट के साथ एक अनिवार्य सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी शामिल है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि सब्सक्राइबर्स अपने कुल कंट्रीब्यूशन का 25% हिस्सा मेडिकल इमरजेंसी के लिए 'इयरमार्क' कर सकते हैं। आमतौर पर, रिटायरमेंट फंड 60 साल की उम्र तक लॉक होते हैं, लेकिन यह स्कीम आपातकालीन स्थिति में निवेशकों को थोड़ी फ्लेक्सिबिलिटी देती है।
ध्यान रखें कि यह एक 'सुपर टॉप-अप' पॉलिसी है, जो आपकी प्राइमरी हेल्थ इंश्योरेंस के बाद काम आती है। यह किसी भी तरह से आपकी मुख्य मेडिकल इंश्योरेंस का विकल्प नहीं है, बल्कि एक पूरक (complement) के तौर पर काम करती है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
इस स्कीम में जमा पैसा मार्केट-लिंक्ड रिटर्न्स के जरिए बढ़ता है। यानी यदि आप फंड का इस्तेमाल मेडिकल जरूरतों के लिए नहीं करते हैं, तो लंबे समय में आपका मेडिकल कॉर्पस मार्केट की चाल के अनुसार बढ़ता रहेगा। हालांकि, निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि मार्केट में उतार-चढ़ाव का असर आपके इमरजेंसी फंड पर भी पड़ेगा।
Axis Pension Fund Management, जो कि Axis Bank की सहायक कंपनी है, इस स्कीम के जरिए NPS के दायरे को बढ़ा रहा है। किसी भी लंबी अवधि के निवेश में कूदने से पहले, सब्सक्राइबर्स को पॉलिसी के नियम, 'एलिजिबल' मेडिकल खर्चों की लिस्ट और क्लेम प्रोसेस को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए।
