एक्सिस फाइनेंस ने केदारा कैपिटल (Kedaara Capital) से ₹750 करोड़ जुटाकर एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। यह कंपनी के लिए पहला एक्सटर्नल इन्वेस्टमेंट है, जो प्रिफरेंशियल शेयर इश्यू (preferential share issuance) के जरिए आया है। पैरेंट कंपनी Axis Bank से पहले ही ₹1,500 करोड़ की फंड रेजिंग को मंजूरी मिल चुकी है। इस तरह, कुल ₹2,250 करोड़ एक्सिस फाइनेंस के कैपिटल बेस को और मजबूत करेंगे। इस पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने रिटेल, एमएसएमई (MSME) और होलसेल लेंडिंग जैसे मुख्य सेगमेंट में ग्रोथ को तेजी देने के लिए करेगी।
कंपनी ने हाल ही में शानदार परफॉर्मेंस भी दिखाई है। मार्च के अंत तक, कंपनी का बिजनेस वॉल्यूम ₹47,692 करोड़ था, और नेट प्रॉफिट ₹806 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में क्रमशः 22% और 19% ज्यादा है।
यह फंडिंग एनबीएफसी (NBFC) सेक्टर के बढ़ते आउटलुक के बीच आई है। उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) में इस सेक्टर में एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 15% से 17% की ग्रोथ देखने को मिलेगी। एक्सिस फाइनेंस, अपने रिटेल, एमएसएमई और होलसेल लेंडिंग में फैली उपस्थिति के साथ, इस ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए अच्छी पोजीशन में है। इसका होलसेल लेंडिंग बिजनेस 12 सालों में करीब ₹75,000 करोड़ का डिस्बर्समेंट कर चुका है, जो कॉर्पोरेट्स और एमएसएमई के लिए कस्टमाइज्ड सॉल्यूशन पर फोकस करता है।
बाजार में अन्य बड़ी एनबीएफसी जैसे Bajaj Finance (लगभग 31.51 का P/E ratio), Shriram Finance (लगभग 23.73 का P/E ratio) और Cholamandalam Investment & Finance Company (लगभग 27.58 का P/E ratio) की तुलना में एक्सिस बैंक का P/E ratio लगभग 16.1x (अप्रैल 2026 तक) है।
केदारा कैपिटल, जो अपनी ऑपरेशनल एक्सपर्टीज और ग्रोथ वाली कंपनियों में निवेश के लिए जानी जाती है, ने पहले भी Au Small Finance Bank और Avanse Financial जैसी कंपनियों में निवेश किया है। एक्सिस फाइनेंस में उनका यह निवेश कंपनी की क्षमता और ग्रोथ पर भरोसे को दर्शाता है।
हालांकि, इस सेक्टर के लिए कुछ चुनौतियां भी हैं। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और बढ़ती फंडिंग कॉस्ट के कारण मार्जिन प्रेशर (margin pressure) बढ़ सकता है, जो लोन ग्रोथ के बावजूद प्रॉफिटेबिलिटी को सीमित कर सकता है। छोटे एनबीएफसी को फंडिंग जुटाने में ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
यह भी ध्यान देने लायक है कि पिछले साल मार्च 2026 में जब एक्सिस बैंक ने एक्सिस फाइनेंस में ₹1,500 करोड़ के इन्फ्यूजन को मंजूरी दी थी, तब एक्सिस बैंक के शेयरों में लगभग 2.71% की गिरावट आई थी। इससे पता चलता है कि निवेशक कभी-कभी इन बड़े कैपिटल इन्फ्यूजन के इमीडिएट इंपैक्ट को लेकर सतर्क रहते हैं।
एनालिस्ट्स का एक्सिस बैंक पर पॉजिटिव आउटलुक है, जिसका एवरेज 12-महीने का प्राइस टारगेट लगभग ₹1,501.80 है।
