Axis Bank: AI क्रांति का फायदा उठाने की तैयारी, डेटा सेंटर लोन को दोगुना करेगा बैंक

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Axis Bank: AI क्रांति का फायदा उठाने की तैयारी, डेटा सेंटर लोन को दोगुना करेगा बैंक

Axis Bank अब भारत में AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को भुनाने के लिए तैयार है। बैंक ने अगले तीन सालों में अपने डेटा सेंटर लेंडिंग पोर्टफोलियो को मौजूदा **₹8,688 करोड़** से दोगुना करने की योजना बनाई है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव

Axis Bank ने भारत में बढ़ते डेटा सेंटर के कारोबार को देखते हुए अपनी लेंडिंग रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। फिलहाल बैंक का डेटा सेंटर लोन पोर्टफोलियो कुल कॉर्पोरेट क्रेडिट बुक का 2% है। बैंक अब अपनी लेंडिंग को कैश-फ्लो-बेस्ड अंडरराइटिंग (cash-flow-based underwriting) मॉडल पर शिफ्ट कर रहा है। इसका मतलब है कि कर्ज देने का आधार अब फिजिकल कोलेस्ट्रॉल के बजाय प्रोजेक्ट से आने वाली लंबी अवधि की कमाई होगी। यह बैंक के FY27 के उस टारगेट का हिस्सा है, जिसमें बैंक इंडस्ट्री एवरेज से 300 बेसिस पॉइंट्स ज्यादा क्रेडिट ग्रोथ हासिल करना चाहता है।

फाइनेंशियल सेहत और रणनीति

हाल ही में जारी नतीजों के मुताबिक, बैंक ने Q1 FY27 में ₹7,114 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जबकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.46% रहा। बैंक अब अपनी सब्सिडियरी, Axis Finance को भी इस तरह के स्पेशलाइज्ड क्रेडिट के लिए मजबूत कर रहा है। इतना ही नहीं, पोर्टफोलियो को ग्लोबल स्तर पर ले जाने के लिए सिंगापुर में भी मौके तलाशे जा रहे हैं।

रिस्क और निवेशकों के लिए संकेत

डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में निवेश करना चुनौतियों से खाली नहीं है। इन प्रोजेक्ट्स में बिजली, पानी की भारी खपत और जमीन अधिग्रहण जैसी दिक्कतें आती हैं। चूंकि इन प्रोजेक्ट्स में पारंपरिक एसेट्स कम होते हैं, इसलिए पूरी निर्भरता डेवलपर की ऑपरेशनल सफलता पर होती है। यदि प्रोजेक्ट शुरू होने में देरी होती है या ऑक्यूपेंसी रेट घटता है, तो बैंक के कैश फ्लो पर असर पड़ सकता है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में बैंक के एसेट क्वालिटी और लोन बुक के विस्तार पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.